करनाल के बेटे अनीश भनवाला ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का काम किया। अनीश भनवाला ने मिस्र (इजिप्ट) में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में करनाल के युवा निशानेबाज अनीश भनवाला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने वाली इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा करनाल और हरियाणा गौरवान्वित है। खिलाड़ी के स्वदेश लौटते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल बन गया।
ईश्वर से कामना है कि अनीश आगे भी इसी तरह देश का मान बढ़ाते रहें : कल्याण
हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण सिल्वर मेडल विजेता अनीश भनवाला को बधाई देने उनके निवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अनीश की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने का काम किया है। स्पीकर ने कहा कि ईश्वर से कामना है कि अनीश आगे भी इसी तरह देश का मान बढ़ाते रहें।
आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और जब युवा खिलाड़ी विश्व मंच पर पदक जीतते हैं तो यह देश की ताकत को दर्शाता है। ऐसी उपलब्धियां समाज को सकारात्मक दिशा देती हैं और नई पीढ़ी में आत्मविश्वास भरती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार का त्याग और निरंतर सहयोग होता है। साथ ही सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतियां बना रही है। हरियाणा आज कृषि, उद्योग के साथ-साथ खेलों में भी अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। खिलाड़ियों को समान अवसर देकर उनकी प्रतिभा को निखारने का काम किया जा रहा है।
अनीश ने करीब 15 साल पहले अपने खेल जीवन की शुरुआत की थी
अनीश भनवाला ने बताया कि उन्होंने करीब 15 साल पहले अपने खेल जीवन की शुरुआत की थी। पहले रनिंग और फिटनेस पर ध्यान दिया, फिर चाचा के प्रभाव से स्विमिंग सीखी। बाद में शूटिंग को देखकर रुचि जगी और धीरे-धीरे यही खेल उनका लक्ष्य बन गया। लगातार मेहनत और अनुशासन से प्रदर्शन में सुधार होता चला गया। अनीश ने बताया कि वह पिछले 7–8 वर्षों से नेशनल टीम का हिस्सा हैं। खेलो इंडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
हाल ही में दोहा में आयोजित प्रतियोगिता में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद देहरादून में एक सप्ताह का प्रशिक्षण लेकर वह घर लौटे। अनीश का कहना है कि उनका पूरा फोकस हमेशा तैयारी और प्रतियोगिता पर रहता है, मेडल मिले या न मिले। निरंतर अभ्यास ही उनकी ताकत है। उन्होंने कहा, “टूटकर भी जो मुस्कुरा दे, उसे कोई हरा नहीं सकता।” उन्होंने यह भी बताया कि नीरज चोपड़ा की रिसेप्शन पार्टी में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें आशीर्वाद मिला था, जो उनके लिए खास।
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