आरपीएफ पानीपत को 1 फरवरी को दिल्ली कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि किलोमीटर न. 126 के पास रेलवे स्टेशन करनाल व भैणी खुर्द के बीच वंदे भारत सहित तीन गाड़ियों पर पत्थर मारकर सात शीशे तोड़ दिए गए हैं। सुचना मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा द्वारा अधिकारी करनाल राजेश कुमार को घटना स्थल के लिए रवाना किया तो मौका घटना स्थल पर नहर के नजदीक रेलवे लाइनों के पास तीन बच्चे मिले, जिनसे प्यार पूर्वक पूछताछ करने पर उपरोक्त तीनो रेल गाड़ियों पर खेल- खेल में निशाना लगाने पर पत्थर मारने स्वीकार किया तीनों बच्चे करनाल जिले के एक गांव के मिले।
तीन माह में सात ट्रेनों पर पत्थर बरसाने वाले पांच बच्चों को पकड़ा
पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने खेल-खेल में निशाना लगाते हुए ट्रेन पर पत्थर फेंके थे। आरपीएफ के अधिकारियों ने बच्चों को समझाया। बॉन्ड भरवाने के बाद उन्हें परिजन को सुपुर्द कर दिया गया। तीनों बच्चों की उम्र 8, 9 और 11 साल है। पहले भी पांच बार ऐसी वारदात हो चुकी हैं। आरपीएफ ने पिछले तीन माह में सात ट्रेनों पर पत्थर बरसाने वाले पांच बच्चों को पकड़ा है।
आठ नाबालिगों को उनके परिजनों से बॉन्ड भरवाकर ठीक सुपुर्द किया
इसी तरह 15 जनवरी को गाड़ी संख्या 22477 व 22487 वन्दे भारत पर मौके सेे चार नाबालिग पत्थर मारते मिले, जिन्होंने एक अन्य साथी नाबालिग के साथ 2 नवंबर 2025 को गाड़ी संख्या 22487 वंदे भारत, 25 नवम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 22478 वंदे भारत, 6 जनवरी को गाड़ी संख्या 22477 वंदे भारत व 12 जनवरी को गाड़ी संख्या 22488 व 20977 वंदे भारत पर पत्थर मारना स्वीकार किया। सभी नाबालिग पानीपत जिले के एक गांव में किराये पर रहते हैं। इनके विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पानीपत पर विधिक कार्रवाई अमल में लाते हुए आठ नाबालिगों को उनके परिजनों से बॉन्ड भरवाकर ठीक सुपुर्द किया।
अपने बच्चों को रेलवे लाइनों से दूर रखे
प्रभारी निरीक्षक पानीपत दिनेश कुमार मीणा द्वारा पोस्ट के क्षेत्राधिकार में लगातार रेलवे लाइनों से लगे गांव व बस्तियों में लोगों को पत्थरबाजी के बारे में जागरूक किया जा रहा है। नाबालिगों के अभिभावकों को चौकी परिसर में बुलाया गया और उनके बच्चों द्वारा कृत कृत्य से अवगत कराते हुए बताया कि आपके बच्चों द्वारा गाडिय़ों पर पत्थर मारना जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। इस प्रकार गाडी पर पत्थर मारने से कोई यात्री विकलांग हो सकता है और इस प्रकार की घटना से किसी यात्री की जान भी जा सकती है। रेल राष्ट्र की संपत्ति है इसको नुकसान पहुंचना राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान पहुंचना है। इसलिए सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि अपने बच्चों को रेलवे लाइनों से दूर रखे और इस बारे में जागरूक करे। कुल आठ नाबालिगों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
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