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The Haryana Story | अमर हुआ खाकी का फर्ज: ब्रेन डेड होने के बाद भी कुलदीप ने निभाया 'रक्षक' का धर्म, अंगदान की पेश की मिसाल

अमर हुआ खाकी का फर्ज: ब्रेन डेड होने के बाद भी कुलदीप ने निभाया 'रक्षक' का धर्म, अंगदान की पेश की मिसाल

रोहतक जेल वार्डर कुलदीप ने अंगदान कर कई लोगों को दी नई जिंदगी, जेल मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने नम आंखों से दी विदाई

रोहतक जिला जेल में तैनात वार्डर कुलदीप ने जाते-जाते मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। ब्रेन ट्यूमर के कारण अपनी जान गंवाने वाले कुलदीप ने अपने अंगदान के जरिए कई लोगों को नया जीवन दिया है। रोहतक जेल में वार्डर के पद पर कार्यरत कुलदीप पिछले कुछ समय से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें PGI रोहतक में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया। दुख की इस घड़ी में भी उनके परिवार ने एक साहसी फैसला लिया और कुलदीप के अंगों को दान करने की सहमति दी।

जेल मंत्री ने दी भावभीनी विदाई

ब्रेन ट्यूमर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुलदीप का निधन पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआईएमएस रोहतक में हुआ, जिसके बाद उनके परिजनों ने बड़ा निर्णय लेते हुए अंगदान के लिए सहमति दी। इस फैसले से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने का रास्ता खुल गया। वहीं हरियाणा के जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा खुद पीजीआई रोहतक पहुंचे और कुलदीप को अंतिम विदाई दी। पीजीआई के मेडिकल स्टाफ और वहां मौजूद अधिकारियों ने कुलदीप के पार्थिव शरीर पर फूल बरसाकर उन्हें सम्मान दिया। डॉ. शर्मा ने भावुक होते हुए कहा, "कुलदीप आज अमर हो गया है। उसने अपनी मृत्यु के बाद भी कई लोगों की जान बचाई है। अंगदान से बड़ा दुनिया में कोई दान नहीं है।" 

कुलदीप का योगदान एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया

कुलदीप के अंगों को समय पर विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसके जरिए अंगों को तेजी से संबंधित अस्पतालों में पहुंचाया गया, जिससे ट्रांसप्लांट प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकी। डॉक्टरों के अनुसार, एक व्यक्ति के अंगदान से 8 लोगों तक की जान बचाई जा सकती है और कुलदीप का यह योगदान उसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। कुलदीप के परिवार की स्थिति और उनके इस महान कार्य को देखते हुए जेल मंत्री ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस विषय में मुख्यमंत्री से बात करेंगे, ताकि सरकार की ओर से भी पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सहयोग मिल सके। 

अंगदान की इस मुहिम से जुड़ने की अपील

इस मौके पर जेल मंत्री ने लोगों से अंगदान की इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। एक व्यक्ति का अंगदान कई परिवारों के बुझते हुए चिरागों को फिर से रोशन कर सकता है। कुलदीप का यह बलिदान न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे एक इंसान जाने के बाद भी दूसरों की जिंदगी में उजाला कर सकता है।

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