करनाल जिले की अनाज मंडियों में धान खरीद और भंडारण से जुड़े कथित करीब 7 करोड़ रुपये के घोटाले में जांच एजेंसी सीआईए-3 ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मंडी सचिवों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें करनाल मंडी की सचिव आशा रानी, जुंडला मंडी के सचिव दीपक कुमार और असंध मंडी के सचिव कृष्ण धनखड़ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पहले से गिरफ्तार जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) अनिल कुमार को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों को अदालत में पेश करेगी। अदालत यह तय करेगी कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा जाएगा या न्यायिक हिरासत में। फिलहाल मामले में जांच एजेंसियां एक्शन मोड में हैं और घोटाले की परतें लगातार खुल रही हैं।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस पहले ही पांच अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें देवेंद्र कुमार (इंस्पेक्टर, फूड सप्लाई विभाग, तरावड़ी), रणधीर सिंह (इंस्पेक्टर, फूड सप्लाई विभाग, इंद्री), प्रमोद कुमार (हैफेड मैनेजर, असंध), दर्शन सिंह (हैफेड मैनेजर, निसिंग) और प्रदीप (टेक्निकल असिस्टेंट, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, इंद्री) शामिल हैं। ये सभी फिलहाल जेल में बंद हैं। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी 9 जनवरी 2026 से इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच के दौरान दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर और तकनीकी रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की गई, जिसके आधार पर नई गिरफ्तारियां संभव हो सकीं।
कागजों में खरीद, जमीन पर गायब धान
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सरकारी रिकॉर्ड में धान की खरीद और भंडारण पूरा दिखाया गया, जबकि वास्तविक स्थिति में कई राइस मिलों और वेयरहाउस में धान मौजूद ही नहीं था। कागजों में फर्जी बिल, खरीद रजिस्टर और स्टॉक एंट्री तैयार की गईं, जिससे सब कुछ नियमों के अनुरूप प्रतीत होता रहा। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी सुनियोजित फर्जीवाड़े के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
राइस मिलों में भी फर्जी स्टॉक
एसआईटी की जांच में यह भी सामने आया कि कई राइस मिलों में कागजों में भारी मात्रा में धान का स्टॉक दर्शाया गया था, जबकि मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान स्टॉक नहीं मिला। अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से यह फर्जी स्टॉक तैयार किया गया, ताकि सरकारी रिकॉर्ड में कोई कमी उजागर न हो। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह घोटाला लंबे समय से चल रहा था और इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।
पद का दुरुपयोग और आपसी सांठगांठ
पुलिस के अनुसार, जिम्मेदार पदों पर तैनात अधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर धान की खरीद, भंडारण और आगे की सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड को कागजों में सही दिखाया गया। दस्तावेजी साक्ष्यों, तकनीकी रिपोर्ट और स्टॉक सत्यापन के आधार पर संबंधित अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हुई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर गिरफ्तारियां की गई हैं।
सरकार को करोड़ों का नुकसान
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पूरी प्रक्रिया में तय मानकों और नियमों की अनदेखी की गई। खरीद से लेकर भंडारण तक की श्रृंखला में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते सरकार को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है और आगे की जांच में और भी नाम उजागर हो सकते हैं।
आशा रानी के खिलाफ पहले दर्ज हुआ था मामला
करनाल मंडी की सचिव आशा रानी के खिलाफ पहले ही सिटी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर फर्जी गेट पास के जरिए धान खरीद दिखाने और करोड़ों रुपये के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। जांच के दौरान उन्हें निलंबित भी किया गया था। हालांकि, गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट से राहत ली थी। अब नई जांच और साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। इस मामले में मंडी के सुपरवाइजर पंकज तुली की भी पहले गिरफ्तारी हुई थी, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई थी।
आगे क्या?
अब सबकी नजर अदालत की कार्यवाही पर टिकी है। यदि पुलिस को रिमांड मिलता है तो घोटाले के नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की गहराई से जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। करनाल के धान घोटाले ने न केवल प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
related
पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों का हंगामा : DC-SP ने ली अधिकारियों और विभिन्न कंपनियों के प्रमुख ठेकेदारों की बैठक, दी सख्त हिदायतें
पानीपत रिफाइनरी श्रमिकों ने दूसरे दिन भी काम बंद कर हड़ताल जारी रखी
पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों ने मांगों को लेकर काटा बवाल, गाड़ियों के साथ तोड़-फोड़, सीआईएसएफ जवानों पर किया पथराव
Latest stories
मुख्यमंत्री नायब सैनी के जन्मदिन पर हवन का आयोजन, दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना
ट्रेड डील के खिलाफ SKM ने किया संयुक्त संघर्ष का ऐलान, टिकैत बोले - ट्रैक्टर भी तैयार और किसान भी तैयार
युवती ने कारोबारी को इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर जाल में फंसाया, हरिद्वार जाते होटल में दिया बड़े 'कांड' को अंजाम