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The Haryana Story | करनाल कृषि प्रदर्शनी में पहुंचे मंत्री श्याम सिंह राणा, धान घोटाले पर बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

करनाल कृषि प्रदर्शनी में पहुंचे मंत्री श्याम सिंह राणा, धान घोटाले पर बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक बराबर है अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी अभी मामले की जांच जारी है, हालांकि कुछ अधिकारी गिरफ्तार भी किए गए

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा शनिवार को  करनाल अनाज मंडी में आयोजित कृषि एवं डेयरीटेक पशुधन प्रदर्शनी में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने  मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जब उनसे सवाल किया गया कि करनाल धान घोटाला में अधिकारी गिरफ्तार हुए हैं लेकिन विपक्ष आरोप लगा रहा है कि इसमें और भी बड़े लोग यानी राजनीतिक लोग शामिल हो सकते हैं, इस पर उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक बराबर है अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी अभी मामले की जांच जारी है। हालांकि कुछ अधिकारी गिरफ्तार भी किए गए हैं।

सार्वजनिक मंचों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी

पारदर्शिता और जवाबदेही को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। जब उनसे सवाल किया गया कि आने वाले बजट में हरियाणा के किसानों को क्या कुछ मिल सकता है इस पर उन्होंने कहा कि बजट सत्र चल रहा है और आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री ही बता पाएंगे कि आने वाले बजट में क्या खास रहेगा। ट्रेड डील और विपक्ष के रवैये पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक मंचों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, विशेषकर जब अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मौजूद हों। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।

देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में कृषि और पशुपालन की अहम भूमिका

मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में कृषि और पशुपालन की अहम भूमिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी कंपनियों द्वारा उन्नत बीज, खाद और दवाइयों के क्षेत्र में हो रहे नवाचार किसानों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। प्रदर्शनी में पहुंचे किसानों और उद्यमियों ने आयोजन को उपयोगी मंच बताया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों से नई तकनीक, बाजार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे कृषि और पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा मिलती है।

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