करनाल के घरौंडा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) में तैनात डॉ. प्रशांत चौहान के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में स्वास्थ्य कर्मियों में भारी रोष है। बता दें कि 4 मार्च 2026 की रात को ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रशांत चौहान और घरौंडा थाना प्रभारी (SHO) के बीच फोन पर किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुँची और डॉक्टर को कथित तौर पर थप्पड़ मारे, उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जबरदस्ती घसीटकर थाने ले गई।
डॉक्टरों और स्टाफ ने काम बंद कर दिया
इस घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने काम बंद कर दिया और नारेबाजी करते हुए हड़ताल पर चले गए। स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ और अन्य चिकित्सा संगठनों ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी अनुशासनिक कार्यवाही की मांग की है। भारी दबाव और विरोध प्रदर्शन के बाद, हिरासत में लिए गए डॉक्टर को करीब आधे घंटे बाद छोड़ दिया गया था, लेकिन स्टाफ अभी भी न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहा है।
पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान
स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा, महासचिव सतपाल खासा, वित सचिव रणधीर चहल ने बताया कि जिस तरह से आपातकालीन ड्यूटी पर कार्यरत चिकित्सक को जबरदस्ती घसीट कर थाने में लेकर जाने तथा इससे पूर्व सार्वजनिक रूप से सी.एच.सी. में ड्यूटी कक्ष में ही थप्पड़ मारने से जहां पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है, वही पर आपातकालीन ड्यूटी से डॉक्टर ले जाने से इलाज के अभाव में अन्य गंभीर मरीज की जान भी जा सकती थी। उन्होंने डाॅ. प्रशांत चौहान के साथ पुलिस द्वारा मारपीट करने तथा जबरदस्ती घसीटकर थाने में ले जाकर बदतमीजी करने की निंदा करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज करके अनुशासनिक कार्यवाही करने की मांग की है।
संघ राज्य स्तरीय आंदोलन करेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की रहेगी
संघ की राज्य स्तरीय वर्चुअल बैठक के उपरान्त जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में संघ ने न्याय की मांग करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ साथ जिला प्रशासन करनाल को पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों को तुरन्त गिरफ्तार करके कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। सरकार को लिखे पत्र में बताया गया है कि यदि तुरन्त कार्यवाही नहीं की गई तो स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ, हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन सहित स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी के साथ मिलकर राज्य स्तरीय आंदोलन करेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की रहेगी।