पानीपत का एक कारोबारी डिजिटल दोस्ती और रातों-रात अमीर बनने के लालच में साइबर ठगों का शिकार हो गया। पीड़ित को 22 लाख रुपए गंवाने पड़े। ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेकर एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप में निवेश करवाया और जब मुनाफे की रकम निकालने की बारी आई, तो संपर्क काट लिया। साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सनौली रोड निवासी पंकज ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात आधा शर्मा नाम की एक लड़की से हुई थी।
बातचीत बढ़ी और गहरी दोस्ती हो गई
धीरे.धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और गहरी दोस्ती हो गई। विश्वास जीतने के बाद लड़की ने पंकज को कमाई का लालच देना शुरू किया और एक ट्रेडिंग ऐप के बारे में बताया। लड़की की बातों में आकर पंकज ने उक्त ऐप पर पैसे निवेश करना शुरू कर दिया। ठग युवती पंकज से लगातार वॉट्सएप कॉल के जरिए संपर्क में रहती थी और उसे ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित करती थी। पंकज ने अलग.अलग किस्तों में कुल 22 लाख रुपए उस ऐप और बताए गए खातों में भेज दिए। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पंकज ने अपने निवेश किए हुए पैसे और मुनाफा वापस निकालने की कोशिश की।
कभी 10 प्रतिशत तो कभी 15 प्रतिशत टैक्स जमा करने की शर्त रख दी
ऐप के संचालकों और युवती ने पैसे देने के बजाय कभी 10 प्रतिशत तो कभी 15 प्रतिशत टैक्स जमा करने की शर्त रख दी। जब पंकज को शक हुआ और उसने सख्ती से अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे ब्लॉक कर दिया और उसका सारा पैसा डूब गया। ठगी का अहसास होने पर पंकज ने तुरंत भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ ट्रांजेक्शन डिटेल्स और शिकायत नंबर आदि भी पुलिस को सौंपे हैं। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी मोबाइल नंबर और बैंक खातों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है।