मार्च 2026 की शुरुआत में ही हरियाणा में तापमान सामान्य से 6 डिग्री अधिक (लगभग 32-35°C) पहुँच गया है, जिससे फसलों के जल्दी पकने यानी पीला होने और समय से पहले हीटवेव की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञ आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी की चेतावनी दे रहे हैं, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मार्च के पहले ही सप्ताह में हरियाणा के कई हिस्सों, जैसे गुरुग्राम और नारनौल, पानीपत सहित कई जिलों में दिन का तापमान 32-35 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। सामान्य से बहुत अधिक तापमान के कारण लोगों को सुबह-शाम भी गर्मी का अहसास हो रहा है, और मार्च के शुरुआत में ही मई-जून जैसी गर्मी से हर कोई हैरान है।
इस बार सर्दी अपना ज्यादा असर नहीं दिखा पाई
गौरतलब है कि इस बार सर्दी अपना ज्यादा असर नहीं दिखा पाई है और फरवरी के महीने में भी तापमान 22 से 25 के बीच रहा था। उसके बाद कुछ दिनों तक चली ठंडी हवाओं ने तापमान को कम किया था और बूंदाबांदी के चलते लोगों को सर्दी का अहसास हो रहा था। अब मौसम में एकदम से परिवर्तन आ गया हैं और मार्च के महीने में ही तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
फसलों पर असर
अत्यधिक गर्मी के कारण खेतों में गेहूं की फसल के जल्दी पीले होने की समस्या देखी जा रही है, जो फसल की गुणवत्ता और पैदावार को प्रभावित कर सकती है। जिस हिसाब से मौसम चल रहा है उससे देखकर लगता है कि फसलें जल्दी ही पकने वाली हैं। इस बार जिले में लगभग 85 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेंहू की फसलें हैं जो कि मार्च के आखिरी दिनों तक कटाई शुरू हो जाएगी। वहीं पर एक अप्रैल से गेंहू की सरकारी खरीद भी शुरू हो जाएगी।
क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में 2 से 4 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जो समय से पहले हीटवेव के संकेत हैं। मार्च के महीने के अभी 7 दिन बीते हैं कि लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है। अभी मार्च का पहला पखवाड़ा भी नहीं बीता है कि हरियाणा में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। खेतों में फसलें पीली होने लगी हैं। लोगों को कहना है कि अभी से इतना अधिक तापमान है तो आगे क्या हाल होगा। वहीं पर मौसम विभाग ने मौसम शुष्क रहने और तापमान में वृद्धि की आशंका जताई है। मतलब कि आने वाले दिनों में लगातार तेज धूप और गर्मी की स्थिति बनी रहने की संभावना है।