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The Haryana Story | गुरनाम सिंह चढूनी ने ट्रेड ड्रिल का किया विरोध, बोले- इससे देश की खेती नहीं बचेगी

गुरनाम सिंह चढूनी ने ट्रेड ड्रिल का किया विरोध, बोले- इससे देश की खेती नहीं बचेगी

मेरिका से चार गुना भारत की आबादी है और भारत से अमेरिका में 7 गुना जमीन है, उन्होंने कहा कि भारत में पंचवर्षीय योजना में पहले खेती पर 14 प्रतिशत बजट था जो घटकर 2% नीचे आ गया है।

गांव शहर मालपुर के सरकारी स्कूल में दुहन खाप' और 'दुहन परिवार संस्था' का वार्षिक मिलन समारोह अत्यंत धूमधाम और आपसी भाईचारे के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। इस महासम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में दुहन परिवार के सदस्यों ने शिरकत कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान समाज सेवी राम अवतार बागवान ने  मिसाल कायम करते हुए 'दुहन परिवार संस्था' के भवन निर्माण हेतु एक एकड़ जमीन दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह जमीन भविष्य में समाज के उत्थान और संस्था के कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी। उनकी इस उदारता पर मौजूद जनसमूह ने करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया।

अमेरिका के अंदर 34-35 लाख और भारत के अंदर साढ़े 14 करोड़ किसान परिवार खेती करते हैं, 

वहीं सम्मेलन में शादियां रात की बजाय दिन में करने की बात कही इसके साथ यह भी बताया गया कि जंक फूड फास्ट फूड पर रोक लगाई जाए इसे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है इसलिए सदा भोजन परोसने को कहा गया। इस अवसर पर भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने अमेरिका से हुई ट्रेड ड्रिल का विरोध करते हुए कहा कि अभी इस पर दस्तक होने बाकी है इससे देश की खेती नहीं बचेगी उन्होंने कहा कि देश में 82% किसान ढाई एकड़ से कम के मालिक हैं जबकि बड़े किसान 18 एकड़ के मालिक हैं, लेकिन अमेरिका में किसान 5000 से लेकर 50000 एकड़ तक मालिक है, जिसमें अमेरिका के अंदर 34-  35 लाख किसान परिवार खेती करते हैं, लेकिन भारत के अंदर साढ़े 14 करोड़ किसान परिवार खेती करते हैं यानी 70 करोड़ की आबादी की जीविका खेती पर है।

अमेरिका से चार गुना भारत की आबादी और भारत से अमेरिका में 7 गुना जमीन

उन्होंने कहा कि अमेरिका से चार गुना भारत की आबादी है और भारत से अमेरिका में 7 गुना जमीन है। उन्होंने कहा कि भारत में पंचवर्षीय योजना में पहले  खेती पर 14 प्रतिशत बजट था जो घटकर 2% नीचे आ गया है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी खेती करना नहीं चाहती और विदेश की तरफ भाग रही है। वहीं गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि 23 मार्च को कुरुक्षेत्र के पिपली में अनाज मंडी में किसानों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की जा रही है जिसको लेकर उन्होंने लोगों को भारी संख्या में पहुंचने की अपील की। वहीं समारोह का सबसे भावुक और गर्व भरा क्षण वह था, जब जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जेल गए और अब रिहा होकर आए 51 'आरक्षण योद्धाओं' को मंच पर सम्मानित किया गया। संस्था द्वारा उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए गए।

खाप की तरक्की और सामाजिक एकजुटता पर बल दिया

इस अवसर पर पूर्व प्रधान अंतर सिंह दुहन और सत्यपाल दुहन ने भी खाप की तरक्की और सामाजिक एकजुटता पर बल दिया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने बताया कि यह मिलन समारोह प्रतिवर्ष मार्च माह में देश के किसी एक राज्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर दुहन खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने गुरनाम सिंह चढूनी को स्मृति चिन्ह न देकर सम्मानित किया।

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