पानीपत हाईवे पर गांव पट्टीकल्याणा स्थित 70 माइलस्टोन ढाबा मालिक की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पहले प्रदूषण विभाग और इसके बाद बिजली निगम की ओर से कार्रवाई की गई, जिसमें निगम ने ढाबे का कनेक्शन काट दिया था। जिस पर करीब 9 लाख निगम का बकाया है। निगम की कार्रवाई के बाद अब पिछले दो दिनों से चंडीगढ़ से आई आयकर विभाग की टीम डेरा डाली रही, जिसमें ढाबे से होने वाली आय व व्यय के अलावा संबंधित दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने में जुटी रही, जिसको लेकर 70 माइलस्टोन ढाबे पर आयकर विभाग चंडीगढ़ की टीम दूसरे दिन भी रेड जारी रही। करीब 30 घंटे तक टीम रिकॉर्ड खंगालने में जुटी रही जिसमें आय व व्यय का सर्वे किया गया। इतना ही नहीं इसी ढाबे की विभिन्न जगहों पर तीन अन्य ब्रांचों पर भी कार्रवाई की गई।
न हीं ठोस कचरें के निपटान का कोई इंतजाम किया गया
वहीं काफी दिन पहले ढाबे के नज़दीक एनएचएआई के अधीन कंपनी की ओर से एक होर्डिंग बोर्ड गिरने के बाद दूसरे होल्डिंग बोर्ड गिराने की कार्रवाई शुरू की तो मामला अधर में लटका हुआ है। उल्लेखनीय है कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड ने सख्त रवैया अपनाया हुआ है जिसको लेकर कुछ दिन पहले पहले प्रदूषण विभाग की टीम द्वारा 70 माइलस्टोन ढाबे का निरीक्षण किया गया जिसमें ढाबे से निकलने वाला गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के पिछली तरफ जमीन पर बह रहा था, इसमें यह बात सामने आई थी कि ढाबे की ओर से न तो सेफ्टी टैंक की व्यवस्था की गई और न हीं ठोस कचरें के निपटान का कोई इंतजाम किया गया। लैब रिपोर्ट के अनुसार ढाबे से निकलने वाला दूषित पानी में घातक तत्वों की मात्रा तय सीमा से कहीं ज्यादा मिलने का मामला सामने आया था।
कारण बताओ नोटिस जारी किया था
इसमें बीओडी सीओडी और आयल ग्रीस जैसे पैरामीटर्स मानकों के उल्लंघन में पाए गए इसी को लेकर प्रदूषण बोर्ड ने पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था लेकिन जवाब न मिलने पर ढाबे को सील करने की बात सामने आई थी इस कार्रवाई के बाद बिजली निगम ने भी कार्रवाई शुरू कर दी बताया जा रहा है कि ढाबे पर बिजली निगम का करीब 9 लाख बिल बकाया है जिसको लेकर टीम मौके पर पहुंची और बिजली के खंभे से कनेक्शन काट दिया गया फिलहाल ढाबे की बिजली सप्लाई जनरेटर से चल रही है। अब ढाबा मालिक के लिए एक और मुश्किल खड़ी हो गई है जिसमें चंडीगढ़ से आयकर विभाग की टीम ढाबे पर पहुंची और दो दिन तक संबंधित दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने के लिए डेरा डाली रही। जैसे ही टीम ढाबे पर पहुंची तो सबसे पहले कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और कमरे मे ढाबे की आय व व्यय के अलावा लैपटॉप व अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई।
करीब 30 घंटे तक टीम की यह करवाई जारी रही
अंदर व बाहर पुलिस टीम का पहरा था किसी को आसपास में फटकने नहीं दिया गया। आज शाम के समय जांच पड़ताल करने के बाद आयकर विभाग की टीम कुछ दस्तावेज लेकर रवाना हो गई लेकिन अधिकारी ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। तीन विभागों की कार्रवाई से 70 माइलस्टोन ढाबा सुर्खियों में है। वही इस बारे ढाबा मालिक रेशम सिंह ने बताया कि आयकर विभाग की ओर से रूटीन में जांच पड़ताल की गई और पड़ताल के दौरान कोई दस्तावेज साथ लेकर नहीं गई। ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए व्यवस्था शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ढाबे के साथ किसी अन्य द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
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