हरियाणा के पानीपत के थाना चांदनी बाग क्षेत्र के काला आंब रोड स्थित अंबा कॉलोनी से 7 माह के अपह्रत बच्चे को महज 30 घंटे बाद सीआईए टू पुलिस टीम ने यूपी के एटा से सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव सिद्धपुरा कासगंज यूपी हाल भैसवाल निवासी सलमान, गांव अमनपुरा कासगंज हाल भैसवाल निवासी आजाद व गांव करथला एटा यूपी निवासी मुकेश गुप्ता के रूप में हुई है।
हाथ से मानशुभ को छीनकर बाइक सहित फरार हो गए
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बुधवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि थाना चांदनी बाग में सुंदर पुत्र रामदास निवासी पीपलगढ़ चौथपुर अलवर राजस्थान हाल झुग्गी झोपड़ी काला आंब रोड अंबा कॉलोनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके दो बेटे व एक बेटी है। 9 मार्च को सुबह करीब 9 बजे वह काम पर चला गया था। झुग्गी में तीनों बच्चे अपनी दादी मुमताज के पास थे। दोपहर करीब 1 बजे दो युवक एक बाइक पर आए। दोनों ने झुग्गी के पास चाय के खोखे से दो बिस्किट के पैकेट लिए और उसकी 7 वर्षीय बेटी आशियाना को बिस्किट का एक पैकेट खाने के लिए दिया। फिर युवकों ने आशियाना से कहा सो रहे बच्चे को लेकर आओ उसको भी बिस्किट देने है। वह 7 माह के भाई मानशुभ को लेकर आई। तभी दोनों युवक उसके हाथ से मानशुभ को छीनकर बाइक सहित फरार हो गए।
फुटेज में दो स्थानों पर आरोपी एक बाइक पर जाते हुए दिखाई दिए
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि वारदात की सूचना मिलते ही थाना चांदनी बाग व सीआईए की टीम मौके पर पहुंचकर बच्चे की तलाश में जुट गई थी। पुलिस ने आसपास व विभिन्न मार्गों पर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरा फुटेज खंगाली। पुलिस को फुटेज में दो स्थानों पर आरोपी एक बाइक पर जाते हुए दिखाई दिए। सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र की टीम ने अपने सभी सोर्स एक्टिव कर महज 30 घंटे बाद बच्चे को यूपी के एटा के गांव करथला से सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को काबू किया। आरोपियों की पहचान सलमान पुत्र अलीम निवासी सिद्धपुरा कासगंज यूपी हाल भैसवाल, आजाद पुत्र मोहम्मद निवासी अमनपुरा कासगंज हाल भैसवाल व मुकेश गुप्ता पुत्र चंद्रभान निवासी करथला एटा यूपी के रूप में हुई है।
अपहरण करने के बाद बच्चा 1 लाख रुपये में बेचा
पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बताया कि आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ आरोपी सलमान व आजाद ममेरे फुफेर भाई हैं। आरोपी आजाद करीब 20 साल से भैंसवाल गांव में रह रहा है और सलमान करीब 3 माह पहले आया था। पूछताछ में आरोपी सलमान ने पुलिस को बताया मुकेश गुप्ता के साथ उसकी काफी समय से जान पहचान है। मुकेश गुप्ता ने करीब 20 दिन पहले कहा था कि उससे 6 माह से एक साल के बीच का बच्चा चाहिए। इस काम के बदले उसको 1 लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया था। आरोपी सलमान ने ममेरे भाई आजाद को यह बात बताई और दोनों ने मिलकर गरीब परिवार के बच्चे का अपहरण करने की साजिश रची।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में खुलासा हुआ दोनों आरोपियों ने 8 मार्च को पानीपत में रैकी की। फिर 9 मार्च को दोनों आरोपी दोपहर के समय बाइक पर सवार होकर काला आंब रोड पर झुग्गी झोपड़ियों के पास पहुंचे। वहा चाय के एक खोखे से बिस्किट के दो पैकेट लिए और पास में खेल रही छोटी बच्ची को एक बिस्किट का पैकेट देकर उसके भाई को लाने के लिए कहा। छोटी बच्ची अपने भाई को लेकर आई तभी वह दोनों बच्चे को उससे छीनकर फरार हो गए थे। अपहरण करने के बाद बच्चे को लेकर दोनों आरोपी यूपी के एटा के करथला गांव में मुकेश गुप्ता के पास पहुंचे और 1 लाख रुपए में बच्चा उसको दे दिया।
बेटे की चाह में करवाया किडनैप
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी मुकेश ने पुलिस को बताया वह एक बेटी का पिता है। बेटा नहीं था तो उसने सलमान को 1 लाख रुपए देने का प्रलोभन देकर कही से छोटा बच्चा लाने के लिए कहा था। बच्चे को वह पालना चाहता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपह्रत बच्चे को सकुशल बरामद कर बुधवार को तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी सलमान व आजाद से बच्चा बेचकर हासिल की नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। आरोपी मुकेश से पूछताछ कर पता लगाएगी गिरोह में और कोई इनके साथ शामिल तो नहीं। अपह्रत 7 माह के बेटे को पाकर माता पिता की आंखें नम हो गई। उन्होंने जिला पुलिस की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
पुलिस के इस कार्य की खुले मन से सराहना की जा रही
शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा पुलिस के इस कार्य की खुले मन से सराहना की जा रही। सामाजिक संस्था जनसेवा दल के पदाधिकारियों श्यामलाल, अशोक अरोड़ा, राकेश गांधी इत्यादी ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मिलकर इस कार्य की सराहना की और उन्हें शॉल व बुक्के देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने एक गरीब परिवार की पीड़ा को समझा और सीआईए को मामले की जांच सौंपी। पुलिस ने मात्र 30 घंटे में बच्चे को बरामद कर लिया।