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The Haryana Story | रूस में मारे गए करनाल के युवक अनुज का शव गांव पहुंचा, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

रूस में मारे गए करनाल के युवक अनुज का शव गांव पहुंचा, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

बेटे की चिता के पास बैठा पिता उसकी रशियन आर्मी की ड्रेस हाथ में लेकर नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहा था तो यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं

करनाल जिले के चोरा गांव निवासी 21 वर्षीय अनुज का शव गुरुवार को उसके पैतृक गांव पहुंचा, जहां पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बेटे की चिता के पास बैठा पिता उसकी रशियन आर्मी की ड्रेस हाथ में लेकर नम आंखों से अंतिम विदाई देता रहा। यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। जानकारी के अनुसार अनुज करीब 11 महीने पहले पढ़ाई के लिए रूस गया था। परिवार का आरोप है कि एक एजेंट ने उसे बहला-फुसलाकर जबरन रशियन आर्मी में भर्ती करवा दिया, जहां गोली लगने से उसकी मौत हो गई।

परिवार से अनुज की मौत की जानकारी छिपाई गई

मृतक के पिता विनोद शर्मा ने बताया कि उनका बेटा पिछले साल पढ़ाई के लिए रूस गया था। बाद में एजेंट के जरिए उसे सेना में भर्ती करवा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार से अनुज की मौत की जानकारी छिपाई गई और उन्हें इस बारे में एक दिन पहले ही पता चला। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को अनुज से उनकी आखिरी बार बात हुई थी, उसके बाद संपर्क नहीं हो पाया। बाद में मेल के जरिए सूचना मिली कि गोली लगने से उसकी मौत हो गई। 

अनुज के घायल होने की जानकारी दी गई थी

अनुज के भाई रविंद्र ने बताया कि तीन-चार दिन पहले रूस से एक मेल प्राप्त हुई थी, जिसमें अनुज के घायल होने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि अनुज स्टडी वीजा पर रूस गया था, लेकिन एजेंट के माध्यम से उसे सेना में भर्ती करा दिया गया। 13 अक्टूबर के बाद से उसकी कोई बातचीत नहीं हुई। परिवार ने सरकार से मांग की है कि रूस में फंसे अन्य युवाओं को सुरक्षित वापस लाया जाए। ग्रामीणों के अनुसार अनुज शांत स्वभाव का युवक था और मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखता था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गांववासियों ने भी सरकार से अपील की है कि रूस में फंसे अन्य युवाओं को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए।

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