हरियाणा के कैथल की जिला अदालत ने वर्ष 2018 के एक गंभीर मामले में हिसार सीआईए-2 के चार पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तुषार शर्मा ने 21 गवाहों के बयानों और 17 पन्नों के विस्तृत फैसले के आधार पर यह निर्णय दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट तुषार शर्मा की अदालत ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पुलिसकर्मी पर ₹2-2 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
इन पुलिसकर्मियों को मिली सजा
अदालत ने इन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया और सज़ा सुनाई
- एएसआई (ASI) फूल सिंह
- हेड कांस्टेबल मक्खन लाल
- हेड कांस्टेबल बलजीत सिंह
- सिपाही जगत सिंह
जानें क्या था पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि यह मामला वर्ष 2018 का है, जो फ्रेंड्स कॉलोनी, कैथल निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर थाना ढांड में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के भाई अमरजीत का डॉ. संदीप बूरा और डॉ. अजय पुनिया के साथ करीब ₹29 लाख के लेनदेन को लेकर विवाद था। आरोप है कि जब अमरजीत गाड़ी लेने गया, तो सीआईए-2 हिसार की टीम ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने जांच के बाद इन चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इन्हें अधिकतम 2 साल की सजा सुनाई है।