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The Haryana Story | बिजली विभाग का 'करंट': ₹79 करोड़ का बिजली बिल, सदमे में परिवार...साजिश या सिस्टम फेल?

बिजली विभाग का 'करंट': ₹79 करोड़ का बिजली बिल, सदमे में परिवार...साजिश या सिस्टम फेल?

डिजिटल इंडिया का 'अंधेरगर्दी' मॉडल? बंद पड़ी चक्की का बिल पहुँचा 80 करोड़, बिजली निगम की लापरवाही पर भड़के यूथ कांग्रेस जिला प्रधान

हरियाणा के नारनौल से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान पुनीत बुलाना को ₹78 करोड़ 92 लाख का बिजली बिल भेजा गया है। यह बिल उनके मोबाइल पर मैसेज के जरिए प्राप्त हुआ, जिसे देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान पुनीत बुलाना। यह कनेक्शन उनकी माँ बिमला देवी के नाम पर है। नारनौल के नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव हसनपुर में 10 किलोवाट का एनडीएस (नॉन डोमेस्टिक सप्लाई) कनेक्शन है। इस कनेक्शन से पहले एक छोटी आटा चक्की चलती थी, जो पिछले दो सालों से बंद पड़ी है।

8 अप्रैल तक भुगतान करने की चेतावनी

कुल देय राशि ₹78,92,75,697 दर्शाई गई है। मैसेज में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि 8 अप्रैल तक भुगतान नहीं किया गया, तो सरचार्ज के साथ यह राशि ₹80 करोड़ के पार पहुँच जाएगी। बिल में बिजली की खपत 9,99,99,429 यूनिट दिखाई गई है।

किसी बड़ी साजिश या डिजिटल प्रणाली की विफलता का संकेत

पुनीत बुलाना ने इस मामले को लेकर सरकार और विभाग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए जानबूझकर इतना भारी-भरकम बिल भेजा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक बंद पड़ी चक्की के लिए करोड़ों का बिल आना किसी बड़ी साजिश या डिजिटल प्रणाली की विफलता का संकेत है। 

अधिकारियों ने शुरुआती जांच में इसे तकनीकी गड़बड़ी माना

बिजली निगम के अधिकारियों ने शुरुआती जांच में इसे तकनीकी गड़बड़ी (Software Glitch) माना है। विभाग के अनुसार, सिस्टम में आई खराबी की वजह से गलत रीडिंग दर्ज हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि बिल को अब संशोधित कर दिया गया है और अब यह राशि ₹1000 से भी कम रह गई है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है; इससे पहले 2022 में ग्वालियर, मध्य प्रदेश में एक परिवार को ₹3,419 करोड़ का बिल भेजा गया था, जिसे बाद में मानवीय भूल मानकर ₹1,300 कर दिया गया था।

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