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The Haryana Story | टोल बचाने का 'फर्जी' खेल: 2 साल, 3000 फर्जी कार्ड और ढेर सारे 'नकली' अफसर!

टोल बचाने का 'फर्जी' खेल: 2 साल, 3000 फर्जी कार्ड और ढेर सारे 'नकली' अफसर!

पलवल में टोल चोरों का बड़ा खुलासा, पुलिस से लेकर फौजी तक के जाली आईडी जब्त, हरियाणा से यूपी तक के महकमों के नाम पर बनाया मजाक

गदपुरी (पलवल) नेशनल हाईवे-19 पर स्थित टोल प्लाजा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ टोल कर्मियों ने पिछले 2 वर्षों में विभिन्न सरकारी विभागों के लगभग 3,000 फर्जी आईडी कार्ड जब्त किए हैं। यहाँ टोल पर हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस, फौजी, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, NHAI सहित विभिन्न सरकारी विभागों के कार्ड दिखाई जा रहे हैं, असली नहीं बल्कि पूरी तरीके से फर्जी है जिन्हें लोग चंद पैसों में बनवाकर टोल टैक्स देने से बचने को लेकर इस्तेमाल करते हैं इन कार्डों को 2 साल में गदपुरी टोल प्रशासन ने इकट्ठा किया है जिनकी संख्या करीब ढाई हजार से लेकर 3000 तक बताई जा रही है।

टोल बचाने के लिए 'फर्जी अफसर' बनने का खेल

पलवल के गदपुरी टोल प्लाजा पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। टोल टैक्स बचाने के लालच में कई वाहन चालक खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर रौब झाड़ते हैं। जब टोल कर्मियों को शक हुआ और उन्होंने सघन जांच शुरू की, तो बड़ी संख्या में फर्जी आईकार्ड पकड़े गए। जब्त किए गए कार्डों की प्रदर्शनी किसी सरकारी दफ्तर जैसी नजर आती है। हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के फर्जी कार्ड सबसे ज्यादा मिले। फौजी, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कर्मचारी बनने के साथ-साथ खुद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ही फर्जी कर्मचारी बनकर टोल पार करने की कोशिश जा रही है।

टोल प्रशासन की सख्ती

गदपुरी टोल प्रशासन के मुताबिक, ये कार्ड पिछले 2 साल के दौरान इकट्ठा किए गए हैं। कार्डों की गुणवत्ता इतनी सटीक रखी जाती है कि पहली नजर में इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। टोल कर्मियों ने बताया कि जैसे ही कोई संदिग्ध कार्ड सामने आता है, उसे तुरंत जब्त कर लिया जाता है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

टोल प्रशासन ने इन फर्जी कार्डों की जानकारी स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को दे दी है। पकड़े गए कार्डों को सबूत के तौर पर रखा गया है ताकि जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी न केवल राजस्व का नुकसान है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा है। फर्जी आईडी कार्ड का इस्तेमाल करना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें धोखाधड़ी और जालसाजी (IPC की विभिन्न धाराओं) के तहत जेल की सजा हो सकती है।

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