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The Haryana Story | "किस तोते में फंसी है सत्ता के राजा की जान?" – ऑपरेशन सिन्दूर और ट्रंप के बयानों पर बृजेंद्र सिंह का तीखा हमला

"किस तोते में फंसी है सत्ता के राजा की जान?" – ऑपरेशन सिन्दूर और ट्रंप के बयानों पर बृजेंद्र सिंह का तीखा हमला

पानीपत के गांव सिवाह में उमड़ा जनसैलाब: 'सद्भाव यात्रा' के 184वें दिन बृजेंद्र सिंह ने विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल

पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बृजेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही 'सद्भाव यात्रा' अपने 184वें दिन पानीपत ग्रामीण विधानसभा हलके में पहुंची। यात्रा की शुरुआत गांव बुडशाम से हुई, जिसके बाद यह हडताडी, महाराणा और नांगल खेड़ी होते हुए गांव सिवाह में संपन्न हुई। इस दौरान ग्रामीणों का भारी जनसमर्थन देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के सम्मान पर उठाए सवाल

जनसभाओं को संबोधित करते हुए बृजेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और नेतृत्व शैली पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि देश की राजनीति आज एक गंभीर मोड़ पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन सिन्दूर' के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कई बार भारत का अपमान किया है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से एक बार भी पलटवार नहीं किया गया।

"प्रधानमंत्री के लिए भद्दी भाषा का इस्तेमाल"

बृजेंद्र सिंह ने कहा, "ट्रम्प ने अपने भाषण में खुलेआम कहा कि वह जब चाहें अपने दोस्त मोदी का राजनीतिक करियर खत्म कर सकते हैं। यह बेहद चिंताजनक है कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश के चुने हुए प्रधानमंत्री के लिए विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ऐसी भद्दी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और हमारी सरकार ने चुप्पी साध रखी है।"

लोकतंत्र और सत्ता पर तंज मौजूदा हालातों की तुलना

एक लोककथा से करते हुए उन्होंने कहा, "स्थिति ऐसी बन गई है जैसे किसी कहानी में राजा की जान एक तोते में छिपी होती है। अब इस सत्ता रूपी राजा की जान किस तोते में फंसी है, इसका पता तो समय आने पर ही लगेगा।"

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ पूरण डिडवाड़ी, एडवोकेट सुरेंद्र खर्ब, सुभाष डिडवाड़ी, महेंद्र कादियान, जगदेव मलिक, महेंद्र मलिक, दिनेश शर्मा, जसबीर पन्नू, जितेंद्र कुंडू, दीपक शर्मा और सुमित ढांडा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

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