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The Haryana Story | "ऊंट गाड़ी का बायोमेट्रिक कैसे करोगे?" विधायक आदित्य चौटाला के तीखे सवाल से डबवाली मंडी में मचा हड़कंप!

"ऊंट गाड़ी का बायोमेट्रिक कैसे करोगे?" विधायक आदित्य चौटाला के तीखे सवाल से डबवाली मंडी में मचा हड़कंप!

जब ऊंट रेहड़ी लेकर मंडी पहुंचे विधायक, तो अधिकारियों को लिखना पड़ा 'NA', विधायक को छूट तो किसान को क्यों नहीं?"

हरियाणा के सिरसा जिले की डबवाली अनाज मंडी में विधायक आदित्य देवीलाल चौटाला द्वारा ऊंट गाड़ी पर गेहूं लेकर पहुँचने और बायोमेट्रिक प्रणाली का विरोध करने की खबर चर्चा में है। 16 अप्रैल 2026 को हुए इस प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों और विधायक के बीच तीखी बहस हुई।

'ऊंट गाड़ी का बायोमेट्रिक' विवाद

इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल चौटाला खुद ऊंट रेहड़ी पर गेहूं की बोरियां लादकर डबवाली अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने सरकार द्वारा गेहूं खरीद के लिए लागू की गई बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टर नंबर प्रणाली का विरोध किया। जब विधायक मंडी के गेट पर पहुंचे, तो अधिकारियों ने वाहन नंबर और बायोमेट्रिक प्रक्रिया की मांग की। विधायक ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या वे अब ऊंट का बायोमेट्रिक करेंगे या ऊंट गाड़ी का नंबर मांगेंगे? इस सवाल पर वहां मौजूद अधिकारी निरुत्तर हो गए और बगले झांकने लगे।

वाहन नंबर वाले कॉलम में 'NA' लिखकर गेट पास जारी कर दिया

विधायक के कड़े रुख और विरोध को देखते हुए, मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने ऊंट गाड़ी के लिए वाहन नंबर वाले कॉलम में 'NA' (Not Available) लिखकर गेट पास जारी कर दिया। आदित्य चौटाला ने सवाल उठाया कि अगर एक विधायक के लिए नियम बदले जा सकते हैं, तो आम किसानों को घंटों तक पोर्टल और ट्रैक्टर नंबर के नाम पर क्यों परेशान किया जा रहा है? उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी फसल बेचने के लिए बायोमेट्रिक अंगूठा नहीं लगाएंगे। 

किसानों को आ रही दिक्कत

उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने इस बार गेहूं खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए कुछ नए नियम अनिवार्य किए हैं, जिनका किसान और विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। नियमों के मुताबिक फसल बेचने के समय किसान या उसके द्वारा नामित व्यक्ति का बायोमेट्रिक अंगूठा लगाना अनिवार्य है और गेट पास के लिए ट्रैक्टर की फोटो और रजिस्ट्रेशन नंबर अनिवार्य किया गया है, जिससे उन किसानों को दिक्कत आ रही है जिनके पास पुराने या बिना नंबर वाले ट्रैक्टर हैं। 

जानिए सरकार का पक्ष

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि यह प्रणाली खरीद प्रक्रिया में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है। सरकार के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 तक अधिकांश गेहूं की आवक का बायोमेट्रिक सत्यापन सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

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