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The Haryana Story | मासूम शर्मा विवाद : देहरादून कांड पर पेशी से किया किनारा, दिया व्यस्तता का हवाला, बोले- 'टेंशन में बिगड़े थे बोल'

मासूम शर्मा विवाद : देहरादून कांड पर पेशी से किया किनारा, दिया व्यस्तता का हवाला, बोले- 'टेंशन में बिगड़े थे बोल'

सोशल मीडिया पर मांगी माफी, पर महिला आयोग सख्त, मासूम शर्मा ने पेशी के लिए मांगा और समय

विवादों में घिरे मशहूर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। देहरादून में एक लाइव शो के दौरान महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में आज मासूम शर्मा को हरियाणा राज्य महिला आयोग के समक्ष पेश होना था, लेकिन उन्होंने आयोग के सामने उपस्थित होने से किनारा कर लिया।

ई-मेल के जरिए दी व्यस्तता की सूचना

आयोग ने मासूम शर्मा को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, उन्होंने आयोग को एक ई-मेल भेजकर अपनी व्यस्तता का हवाला दिया और कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वे फिलहाल पंचकूला स्थित कार्यालय में उपस्थित नहीं हो पाएंगे। उन्होंने आयोग से आगे की किसी तारीख पर पेश होने की मोहलत मांगी है।

'टेंशन में था, मुँह से निकल गए अमर्यादित शब्द'

इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए मासूम शर्मा ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने स्वीकार किया कि देहरादून के उस स्टेज शो के दौरान उन्होंने गलत शब्दावली का इस्तेमाल किया था। मासूम ने कहा, "उस वक्त मैं जबरदस्त मानसिक दबाव और बेहद टेंशन में था। इसी तनाव के कारण अचानक मेरे मुँह से वे अमर्यादित शब्द निकल गए। मेरा इरादा किसी का अपमान करना नहीं था।"

माफी का दिया हवाला

गायक ने आयोग और जनता के सामने अपनी दलील देते हुए कहा कि वे अपनी इस गलती को पहले ही महसूस कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस घटना के लिए पहले ही माफी माँग चुके हैं, इसलिए अब इस विवाद को और तूल नहीं दिया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा ने मंच से कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिन्हें महिलाओं के प्रति अपमानजनक और अभद्र माना गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया और उन्हें नोटिस जारी कर जवाब-तलबी की थी।

आयोग का रुख

सूत्रों के अनुसार, महिला आयोग मासूम शर्मा के इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। आयोग का मानना है कि कलाकारों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए। अब देखना होगा कि आयोग उन्हें दोबारा समन भेजता है या उनके लिखित स्पष्टीकरण को स्वीकार करता है।

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