हरियाणा के कैथल जिले के गांव बाकल में उस वक्त मातम छा गया, जब खबर आई कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहे 26 वर्षीय युवा सिमरनजीत सिंह की एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। यह हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद सिमरनजीत के ट्रक में आग लग गई और उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। मिली जानकारी के अनुसार, सिमरनजीत सिंह कैलिफोर्निया में ट्रक चलाता था। हादसे के समय वह अपने ट्रक में केमिकल लेकर जा रहा था। रास्ते में एक अन्य एक्सीडेंट के कारण उसने अपना ट्रक सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा किया हुआ था। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने सिमरनजीत के ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी।
सिमरनजीत को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला
टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक में लदे केमिकल ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। सिमरनजीत को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वह ट्रक के भीतर ही जिंदा जल गया। हादसे के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
10 साल पहले देखा था सुनहरे भविष्य का सपना
सिमरनजीत सिंह करीब 10 साल पहले, वर्ष 2016 में अपने परिवार और खुद के बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका गया था। वह पिछले कई वर्षों से वहां ट्रक चलाकर अपने परिवार का सहारा बना हुआ था। उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव बाकल पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने युवक को इस उम्मीद से विदेश भेजा था कि वह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन जैसे ही उनके पास युवक की मृत्यु होने की सूचना पहुंची तो परिवार के लोगों को काफी आघात पहुंचा। सिमरनजीत सिंह के परिवार में उसके पिता सरदार गुरनाम सिंह और माता सुरजीत कौर के अलावा तीन बहनें और हैं। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है, जिनमें से दो बहनें अमेरिका में रहती है, जबकि एक बहन कैथल में ही रहती है।
सरकार से गुहार: 'अंतिम बार चेहरा देखना चाहते हैं'
मृतक के परिजनों ने भारत सरकार और हरियाणा सरकार से भावुक अपील की है। सिमरनजीत के माता-पिता और रिश्तेदारों ने मांग की है कि उसके शव को अमेरिका से भारत लाने में प्रशासन और विदेश मंत्रालय उनकी सहायता करे। परिवार की इच्छा है कि वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार पैतृक गांव बाकल में अपनी परंपराओं के अनुसार कर सकें। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए राशि लगाकर उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा था। सिमरनजीत सिंह के पिता 8 एकड़ जमीन के जमींदार हैं और बुजुर्ग हो चुके हैं। वे गांव में ही रहते हैं।
....नहीं पता था कि उनके बेटे की शादी का सपना अधूरा रह जाएगा
सिमरनजीत सिंह का रिश्ता हो चुका था। अब समय निकालकर परिवार उसकी शादी करने के बारे में सोच रहा था, लेकिन परिवार को नहीं पता था कि उनके बेटे की शादी का सपना अधूरा रह जाएगा। परिवार के लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को अंतिम दर्शन के लिए भारत लाने में सहायता की जाए। वहीं गांव के लोगों ने भी स्थानीय सांसद और विधायकों के माध्यम से सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द वतन लाया जा सके।
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