बार-बार मौसम में हो रहे बदलाव के बाद आखिरकार गर्मी ने अपना प्रचंड रूप ले ही लिया है। अप्रैल माह चल रहा है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस क्रॉस कर चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है आने वाले समय में तापमान और अधिक बढ़ेगा। साथी साथ मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है कि आने वाले 2 से 3 दिन में हीट वेव चलेगी। लोग गर्मी से बचने के लिए गमछे, छतरी टोपी और रुमाल का सहारा ले रहे हैं।
मौसम में बदलाव लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
जूस की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ चुकी है जूस की रेहड़ी लगाने वाले संचालकों ने बताया कि पहली बार अप्रैल माह में उनकी सेल इतनी बढ़ गई है कि जो पहले कभी नहीं थी क्योंकि अचानक से गर्मी में भीषण रूप ले लिया है और जून जुलाई जैसी गर्मी से लोग जूझ रहे हैं। वहीं इसी बीच इस स्वास्थ्य विभाग में भी अलर्ट जारी किया है कि एकदम हुए मौसम में बदलाव लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है तो अपने आप को गर्मी से बचा कर रखें खाली पेट घरों से बाहर न निकले धूप में छतरिया किसी कपड़े का इस्तेमाल करें खुले में बिक रहे पेयजल या खाने के समान से परहेज करें।
बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं
जैसे-जैसे पारा 40-45 डिग्री के पार जा रहा है, हीट वेव से बचने के लिए लोग ठंडी चीजों की ओर भाग रहे हैं। लेकिन सावधानी न बरतने पर यह राहत बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि सड़क किनारे बिकने वाले कटे हुए फल और गन्ने के रस से इस मौसम में दूरी बनाना ही समझदारी है। गर्मी के मौसम में फल (जैसे तरबूज, पपीता या खरबूजा) काटकर खुले में रखने से उनमें बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। कटी हुई सतह पर मक्खियाँ बैठती हैं, जो गंदगी से आकर हानिकारक रोगाणु फैलाती हैं।
फूड पॉइजनिंग का खतरा
वहीं सड़क किनारे के फलों पर गाड़ियों का धुआं और धूल जम जाती है, जो पेट में जाकर संक्रमण पैदा करती है। धूप और गर्मी के संपर्क में आने से कटे हुए फलों में फर्मेंटेशन यानी सड़न शुरू हो जाती है, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। वैसे ही गन्ने का जूस वैसे तो सेहतमंद है, लेकिन बाहर मिलने वाले जूस के साथ कई स्वास्थ्य जोखिम जुड़े हैं। जूस में इस्तेमाल होने वाली बर्फ अक्सर 'इंडस्ट्रियल ग्रेड' की होती है या गंदे पानी से बनी होती है। यही पानी हैजा और डायरिया का मुख्य कारण है। जूस निकालने वाली मशीन और गन्ने की सफाई अगर ठीक से न हो, तो उसमें फंगस और बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसके साथ ही दूषित तरल पदार्थों के सेवन से टाइफाइड और हेपेटाइटिस-A जैसी गंभीर बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। कैसे रखें खुद का बचाव? फल तभी काटें जब आपको खाना हो। पहले से कटे हुए फल बिल्कुल न खरीदें।
लू से बचने के लिए
- नींबू पानी, छाछ, ओआरएस (ORS), और नारियल पानी का सेवन करें।
- ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करते हैं।
- प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो।
- खाना खाने या कुछ भी पीने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
- हीट वेव के दौरान शरीर को ठंडा रखना अनिवार्य है, इसलिए 'सावधानी ही सुरक्षा है' के मंत्र को अपनाएं और केवल घर पर तैयार स्वच्छ खान-पान को ही प्राथमिकता दें।
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा धूप से बचाव के लिए टोपी, छाता और चश्मे का उपयोग करें।
- मौसमी फल एवं सब्जियों जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा आदि का सेवन करें।
- विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का ध्यान रखें।
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।
- नंगे पैर बाहर न जाएं और भारी, तंग एवं गहरे रंग के कपड़े पहनने से परहेज करें।
- अत्यधिक गर्मी में ज्यादा हार्ड वर्क करने से बचें तथा बच्चों एवं पालतू जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ें।
- शराब, चाय, कॉफी और सॉफ्ट ड्रिंक्स के अधिक सेवन से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं।
तापमान में 2°C से 4°C तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2°C से 4°C तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। कई जिलों में पारा 40°C से 45°C के बीच रहने की संभावना है। IMD ने हरियाणा सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों के लिए लू की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है। मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
दिनांक अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) स्थिति
21 अप्रैल 41°C - 42°C 21°C - 24°C धूप और बहुत गर्म
22 अप्रैल 41°C - 42°C 22°C - 25°C मुख्य रूप से साफ
23 अप्रैल 42°C - 43°C 22°C - 25°C भीषण गर्मी
24 अप्रैल 43°C - 44°C 21°C - 24°C बहुत गर्म और शुष्क
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