हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिल के गिरने पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। विज ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पुरुष नेता महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक ताकत से घबरा गए हैं, इसीलिए उन्होंने एकजुट होकर जनहित के इस महत्वपूर्ण बिल को गिरवा दिया। वहीं राहुल गांधी की नागरिकता विवाद पर अनिल विज की दो-टूक, बोले - 'जांच से ही खुलेगा राज, दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी। अनिल विज के इन बयानों ने एक बार फिर हरियाणा और देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जहां उन्होंने महिला कार्ड खेलकर विपक्ष को घेरा, वहीं राहुल गांधी के मुद्दे पर 'जांच' की बात कहकर गेंद प्रशासन के पाले में डाल दी है।
महिलाओं को हक देने से कतरा रहा है विपक्ष
अनिल विज ने कहा कि यह बिल केवल आरक्षण का नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका वाजिब हक देने और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का जरिया था। उन्होंने कहा, "विपक्षी पार्टियों के पुरुष, महिला शक्ति से बुरी तरह डरे हुए हैं। यह बिल पूरे हिंदुस्तान के हित में था, लेकिन निजी स्वार्थ और डर के कारण इसे 54 वोटों से गिरा दिया गया।"
परिसीमन की जरूरत पर दिया तर्क
मंत्री विज ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मौजूदा समय में लोकसभा सीटों का आधार 1976 की जनसंख्या (56 करोड़) है, जबकि आज देश की आबादी 145 करोड़ पार कर चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया: देश में 172 सीटें ऐसी हैं जहां जनसंख्या 20 लाख से ज्यादा है। एक सांसद के लिए इतनी बड़ी आबादी की समस्याओं को सुनना और हल करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। जनसंख्या के अनुपात में सीटों का संतुलन बनाना अनिवार्य था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया।
राहुल गांधी की नागरिकता विवाद पर बोले विज: "जांच से ही खुलेगा राज"
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता को लेकर लग रहे आरोपों और विवादों पर भी अनिल विज ने अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। विज के अनुसार, “राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर जो आरोप लग रहे हैं, उनकी गहराई से जांच होनी चाहिए। जांच के बाद ही सच्चाई देश के सामने आ पाएगी।”
कानून व्यवस्था के साथ सबके मान-सम्मान की रक्षा करना भी सरकार दायित्व
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोक कर उनके साथ बदतमीजी के आरोप लगे है जिसे लेकर मंत्री अनिल विज बोले कि ये बहुत गलत बात है, कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना सरकार का दायित्व है, लेकिन सबके मान सम्मान की रक्षा करना भी सरकार का दायित्व है।
related
अहीरवाल की 'सियासी जंग' तेज़: राव नरवीर ने नायब सैनी को दिया 'मास्टरस्ट्रोक' सुझाव, राव इंद्रजीत पर साधा कड़ा निशाना
थाली पर दबाव: खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई, अब ग्लोबल टेंशन से कच्चे तेल में उबाल का डर
अभय चौटाला का सरकार पर तीखा हमला: सैनी को बताया 'डमी सीएम', गेहूं खरीद के नियमों को कहा 'तानाशाही'
Latest stories
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?
दुष्यंत ने सैनी सरकार पर लगाए 'फिजूलखर्ची' के आरोप, बोले - करोड़ों का हेलीकॉप्टर बना 'सफेद हाथी', जनता के टैक्स की बर्बादी
अहीरवाल की 'सियासी जंग' तेज़: राव नरवीर ने नायब सैनी को दिया 'मास्टरस्ट्रोक' सुझाव, राव इंद्रजीत पर साधा कड़ा निशाना