सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में सामने आए कथित 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस पूरे मामले को राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान बताया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता या पैसों के हेर-फेर तक सीमित नहीं है। जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी शीर्ष एजेंसी स्वयं अदालत में 'प्रणालीगत विफलता' Systemic Failure)की बात स्वीकार करती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार की निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
जनता के पैसे की सुरक्षा सर्वोपरि
सांसद ने जोर देकर कहा कि सरकारी धन जनता की गाढ़ी कमाई का हिस्सा है। इसके प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण ने सिद्ध कर दिया है कि उच्च स्तर पर बैठे अधिकारियों और निगरानी तंत्र के बीच तालमेल की भारी कमी रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग
कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में केवल 'औपचारिक कार्रवाई' कर खानापूर्ति न की जाए। उन्होंने कहा इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। बिना किसी राजनीतिक दबाव या पक्षपात के दोषियों की पहचान कर सख्त सजा दी जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को मजबूत संस्थागत सुधार लागू करने चाहिए। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कुमारी सैलजा ने हरियाणा में सामने आए कथित 590 करोड़ के आईडीएफसी बैंक प्रकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं
कुमारी सैलजा ने कहा कि जब केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसी स्वयं अदालत में प्रणालीगत विफलता की बात रखती है, तो यह संकेत है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर कमी रही है। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से संचालित सरकारी धन के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच जरूरी है ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। सरकार को चाहिए कि वह बिना किसी दबाव या पक्षपात के दोषियों की पहचान करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत संस्थागत सुधार लागू करे।
विश्वास बनाए रखना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी
कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है और ऐसे मामलों में देरी या चुप्पी उस विश्वास को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि हरियाणा की जनता के अधिकारों और उनके संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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