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The Haryana Story | चीन से कच्चा माल और फ्लैट में पैकिंग: ₹70 लाख के फर्जी 'मौनजारो' इंजेक्शन बरामद, दो गिरफ्तार

चीन से कच्चा माल और फ्लैट में पैकिंग: ₹70 लाख के फर्जी 'मौनजारो' इंजेक्शन बरामद, दो गिरफ्तार

गुरुग्राम ड्रग विभाग ने ₹45 लाख का डमी ग्राहक बनकर आरोपियों को दबोचा, भारी मात्रा में जाली लेबल जब्त, देशव्यापी अलर्ट जारी

गुरुग्राम ड्रग कंट्रोल विभाग ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब ₹70 लाख के नकली मौनजारो (Mounjaro) इंजेक्शन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई DLF फेज-4 के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार को रोकने के बाद हुई, जिसमें अवैध दवाओं की बड़ी खेप ले जाई जा रही थी। आरोपी इतने शातिर थे कि वह चीन से पहले तो इस इंजेक्शन के रॉ मैटेरियल को मंगवाते थे और फिर भारत लाकर उसमें पानी डालकर धड़ल्ले से बचने का काम कर रहे थे।

कई बॉलीवुड सितारे भी इस इंजेक्शन का इस्तेमाल वेट लॉस के लिए करने लगे

विशेषज्ञों के अनुसार यह इंजेक्शन एंटी डायबिटीज के लिए इस्तेमाल किया जाता था लेकिन यह इंजेक्शन वेट लॉस में भी कारगर साबित होता था जिसके बाद लोग इसको वेट लॉस करने के लिए भी इस्तेमाल करने लगे इसके बाद यह इंजेक्शन मार्केट में बहुत ज्यादा बेचे जाने वाला इंजेक्शन में से एक बन गया था। यही नहीं कई बॉलीवुड के सितारे भी इस इंजेक्शन का इस्तेमाल वेट लॉस करने के लिए करने लगे और इसी चीज का फायदा उठाकर आरोपियों ने इस इंजेक्शन को मार्केट में बेचने की रणनीति बनाई।

₹70 लाख की नकली दवाओं का जाल पकड़े गए आरोपी

इस मामले में मुख्य आरोपी अवि शर्मा और एक डिलीवरी मैन मुज्जमिल को गिरफ्तार किया गया है। ***बड़ी बरामदगी: विभाग ने सेक्टर-62 स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर नकली इंजेक्शन तैयार करने वाली मशीनें, लेबल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की।काम करने का तरीका: आरोपी चीन से कच्चा माल (Raw Material) मंगवाते थे और सेक्टर-62 के फ्लैट में उसमें पानी मिलाकर नकली इंजेक्शन तैयार करते थे। इसके बाद उन पर इटली की कंपनी के जाली लेबल लगाकर उन्हें बाजार में बेचा जा रहा था।

छापेमारी का जाल

ड्रग विभाग ने आरोपियों को पकड़ने के लिए ₹45 लाख के इंजेक्शन का ऑर्डर देकर जाल बिछाया था। आरोपियों ने पहले दिल्ली बुलाया, लेकिन विभाग ने उन्हें चतुराई से गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-4 में बुलाकर दबोच लिया। फूड एंड ड्रग कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान के अनुसार, ये इंजेक्शन डायबिटीज और वजन घटाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। जांच में पाया गया कि इन इंजेक्शनों को 2°C से 8°C के बीच रखना अनिवार्य होता है, लेकिन आरोपी इन्हें साधारण तापमान पर रख रहे थे, जिससे दवा जहर बन सकती है। पैकेजिंग पर फॉन्ट और बारकोड असली दवाओं से अलग पाए गए। इस बरामदगी के बाद पूरे देश में इन नकली बैचों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। 

चीन से मंगा कर उसकी सीरेंज से लेकर बारकोड लगाने तक सारा फर्जी काम

ड्रग कंट्रोल विभाग की माने तो इस इंजेक्शन का नाम मोनजारो KIWIKPEN और कंपनी का नाम TIRZEPATIDE था और आरोपी गुरुग्राम के सेक्टर 62 में यह नकली इंजेक्शन को बनाते थे यह सारा सामान चीन से मंगा कर उसकी सीरेंज से लेकर बारकोड लगाने तक सारा फर्जी काम सेक्टर 62 में ही करते थे जहां से विभाग को कुछ मशीन भी बरामद हुई है।पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार दिल्ली के भगीरथ पैलेस जैसे बड़े दवा बाजारों से कहां तक जुड़े हैं और अब तक कितनी नकली दवाएं बाजार में सप्लाई की जा चुकी हैं।

इस खुलासे के बाद ड्रग विभाग ने आम जनता अपील की है कि ऑनलाइन दवाइयां खरीदते समय विक्रेता का लाइसेंस, बिल, बैच नंबर और पैकेजिंग की प्रामाणिकता जरूर जांचें। विभाग का कहना है कि ऐसे मामले ऑनलाइन बिकने वाली दवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

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