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The Haryana Story | भाजपा का 'चुनावी स्टंट' बेनकाब, महिला आरक्षण पर सैलजा ने केंद्र को घेरा, बोलीं-जब विपक्ष का साथ, तो फिर रुकावट क्यों ?

भाजपा का 'चुनावी स्टंट' बेनकाब, महिला आरक्षण पर सैलजा ने केंद्र को घेरा, बोलीं-जब विपक्ष का साथ, तो फिर रुकावट क्यों ?

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस ऐतिहासिक विषय पर देशभर में केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही

सिरसा से सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस ऐतिहासिक विषय पर देशभर में केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

विपक्ष का बिना शर्त समर्थन, फिर भी देरी क्यों?

कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2023 में जब संसद में महिला आरक्षण अधिनियम लाया गया था, तब कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने बिना किसी शर्त के इसका पूर्ण समर्थन किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की पक्षधर रही है, लेकिन सरकार की कार्यप्रणाली ने इसकी गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘चोर दरवाजे’ से संशोधन का आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस अधिनियम में 'पीछे के रास्ते' से संशोधन करने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना व्यापक चर्चा और आम सहमति के ऐसे कदम उठाना सरकार की नियत पर शक पैदा करता है।

आरक्षण लागू करने में जानबूझकर अड़ंगा

प्रेस वार्ता के दौरान कुमारी सैलजा ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में गंभीर होती, तो इसे वर्तमान लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ही तुरंत लागू किया जा सकता था। सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन (Delimitation) जैसी पेचीदा शर्तों से जोड़ दिया है। इन शर्तों को थोपने का एकमात्र मकसद इस आरक्षण को लंबे समय तक लटकाए रखना और महिलाओं को उनके हक से वंचित रखना है।

लोकतंत्र की भावना को कमजोर कर रही भाजपा

कुमारी सैलजा ने अंत में कहा कि भाजपा की नीतियां और कार्यप्रणाली लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रही हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और भाजपा के 'दोहरे मापदंडों' का पर्दाफाश करेगी।

महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए

कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि 2023 अधिनियम की नोटिफिकेशन जारी करने के समय और उसके बाद संशोधन लाने की कोशिश भाजपा की अवसरवादी राजनीति को दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो। इस अवसर पर कुमारी सैलजा ने कहा कि वे लगातार जनता के बीच रहकर मुद्दों को उठा रही हैं।

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