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The Haryana Story | सियासी कड़वाहट दरकिनार! दुष्यंत के समर्थन में आए दीपेंद्र हुड्डा, हरियाणा पुलिस और सरकार को घेरा

सियासी कड़वाहट दरकिनार! दुष्यंत के समर्थन में आए दीपेंद्र हुड्डा, हरियाणा पुलिस और सरकार को घेरा

दीपेंद्र हुड्डा बोले -पूर्व डिप्टी CM के साथ ऐसा बर्ताव बेहद दुखद, आखिर कहाँ थी सुरक्षा? कौन है इस सुरक्षा चूक का जिम्मेदार? हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली को बताया फेल

रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिसार में पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला के साथ हुए हालिया घटनाक्रम को "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हिसार में जो कुछ भी हुआ वह दुखद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि इस पूरी घटना के लिए कौन जिम्मेदार था और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। हुड्डा ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के टकराव की स्थिति पैदा होना शासन की विफलता को दर्शाता है।

क्या था पूरा मामला?

17 अप्रैल 2026 को हिसार में गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद के बाद, जब दुष्यंत चौटाला अपने कार्यकर्ताओं की रिहाई और सरेंडर के लिए जा रहे थे, तब सीआईए (CIA) पुलिस ने उनका काफिला रोक दिया था। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि सादी वर्दी में एक पुलिसकर्मी ने उन पर पिस्तौल तानी और उनकी गाड़ी के सामने अपनी गाड़ी लगा दी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम को इंस्पेक्टर की गाड़ी के बोनट पर चढ़ते हुए देखा गया। दुष्यंत चौटाला ने हिसार एसपी और पुलिस टीम पर "गुंडागर्दी" का आरोप लगाया है और 27 अप्रैल को हिसार में महापंचायत करने का ऐलान किया है।

सुरक्षा और प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई ?

वहीं सांसद दीपेंद्र हुड्डा के इस बयान के बाद हरियाणा की सियासत और गरमा गई है, क्योंकि उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक पूर्व संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति के साथ हुए व्यवहार की निंदा की है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जो कुछ भी हिसार में हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि सुरक्षा और प्रोटोकॉल में कहां चूक हुई। सांसद ने सवाल उठाया कि इस घटना के लिए आखिर किसकी जिम्मेदारी थी। उन्होंने जोर दिया कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है। कानून-व्यवस्था पर चिंता: इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने संकेत दिया कि अगर पूर्व उपमुख्यमंत्री जैसे पद पर रहे व्यक्ति के साथ ऐसा हो सकता है, तो यह प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

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