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The Haryana Story | मंडियों में अव्यवस्था पर बरसे अभय चौटाला, 72 घंटे में भुगतान का वादा खोखला, सरकार पर लगाया 'कॉरपोरेट प्रेम' का आरोप

मंडियों में अव्यवस्था पर बरसे अभय चौटाला, 72 घंटे में भुगतान का वादा खोखला, सरकार पर लगाया 'कॉरपोरेट प्रेम' का आरोप

बायोमैट्रिक्स और पेमेंट की नई शर्तों पर अभय चौटाला का प्रहार: बोले- "किसान को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही सरकार"

इनेलो (INLD) के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा की मंडियों का दौरा करने के बाद सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने गेहूं खरीद की प्रक्रिया और किसानों के प्रति सरकार के रवैये पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अभय चौटाला ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर खरीद प्रक्रिया को जटिल बनाने के लिए बायोमैट्रिक्स वेरिफिकेशन, ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो खींचने और ऑनलाइन पोर्टल जैसी शर्तें थोपी हैं। उन्होंने इसे किसानों को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने वाला कदम बताया।

सरकार का 72 घंटे में भुगतान करने का वादा पूरी तरह खोखला

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का 72 घंटे में भुगतान करने का वादा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। कई मंडियों में 20-22 दिनों के बाद भी किसानों के खातों में पैसे नहीं पहुँचे हैं, क्योंकि सरकार ने अब माल के गोदाम (वेयरहाउस) पहुँचने के बाद ही पेमेंट करने की नई शर्त लगा दी है। चौटाला ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा वास्तव में गेहूं खरीदने की नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार चाहती थी कि किसान परेशान होकर अपना गेहूं कम दामों पर अंबानी और अडाणी के साइलो (Silos) में बेचने को मजबूर हो जाए।

खरीद केंद्रों को बंद करने की साजिश

उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले फोकल खरीद केंद्रों (बड़े गाँवों में बने केंद्र) को बंद कर दिया था, ताकि किसानों को दूर की मंडियों में जाना पड़े। हालांकि, इनेलो के विरोध के बाद सरकार को इन केंद्रों को फिर से बहाल करना पड़ा। मंडियों के दौरे के दौरान उन्होंने पाया कि वहां किसानों के लिए पीने के पानी या छाया की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। लिफ्टिंग की सुस्त रफ़्तार के कारण मंडियों में अनाज के ढेर लगे हुए हैं।

इनेलो की चेतावनी और कदम

अभय चौटाला ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने बायोमैट्रिक्स जैसी शर्तों को तुरंत वापस नहीं लिया और किसानों का भुगतान जल्द सुनिश्चित नहीं किया, तो इनेलो कार्यकर्ता मंडियों में जाकर खुद गेट खुलवाएंगे और आंदोलन करेंगे। उन्होंने किसानों की सहायता के लिए प्रदेश की हर मंडी में 'किसान शिकायत निवारण केंद्र' भी स्थापित किए हैं।

बीजेपी और लोकसभा सत्र पर टिप्पणी

उन्होंने कहा कि बीजेपी को निंदा प्रस्ताव लाने के बजाय किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावों को गिराने के प्रयासों के लिए बीजेपी की आलोचना की और मजबूती से खड़े रहने के लिए विपक्ष की सराहना की। इनेलो ने किसानों की मदद के लिए हर मंडी में 'किसान सहायता केंद्र' भी स्थापित किए हैं ताकि उन्हें सरकारी नियमों और पोर्टल की समस्याओं से राहत दिलाई जा सके।

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