loader
The Haryana Story | हरियाणा में बड़ा सियासी ड्रामा! सदन के बजाय पार्किंग में कांग्रेस का मॉक सेशन, कादियान बने 'स्पीकर'

हरियाणा में बड़ा सियासी ड्रामा! सदन के बजाय पार्किंग में कांग्रेस का मॉक सेशन, कादियान बने 'स्पीकर'

सीएम सैनी के निशाने पर कांग्रेस का 'पार्किंग सेशन', बोले - जिनके तर्क या टायर पंचर हो जाते हैं, वे अक्सर पार्किंग में ही खड़े मिलते हैं।

हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान आज एक बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने सत्र का पूर्ण बहिष्कार किया और विधानसभा परिसर की पार्किंग में ही अपना 'पैरेलल सदन' (मॉक सेशन) चला दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व विधानसभा स्पीकर डॉ. रघुवीर सिंह कादियान ने इस मॉक सेशन में 'स्पीकर' की भूमिका निभाई। 'पैरेलल सदन' की शुरुआत शोक प्रस्ताव (Condolence Resolution) पढ़कर की गई, जिसके बाद सभी विधायकों ने दो मिनट का मौन भी रखा। इस बहिष्कार के बावजूद, क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित चल रहे तीन कांग्रेस विधायकों शैली चौधरी, रेनू बाला और जरनैल सिंह ने सदन की मुख्य कार्यवाही में संक्षिप्त उपस्थिति दर्ज कराई।

विधायक कोई यात्रा या दैनिक भत्ता भी नहीं लेंगे

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार जिस 'निंदा प्रस्ताव' (Censure Motion) पर चर्चा करना चाहती है, वह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार सदन का उपयोग राजनीतिक प्रचार और 'इंडिया' गठबंधन की निंदा करने के लिए कर रही है, जो विधानसभा के कार्यक्षेत्र से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सत्र में शामिल न होकर उनके विधायक कोई यात्रा या दैनिक भत्ता भी नहीं लेंगे।

क्यों हुआ बहिष्कार? 

सत्ता पक्ष द्वारा 'नारी शक्ति वंदन' (महिला आरक्षण) के मुद्दे पर लाए गए निंदा प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेस ने यह कदम उठाया। कांग्रेस का तर्क है कि जब यह बिल पहले ही 2023 में पास हो चुका है, तो इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। हुड्डा के अनुसार, भाजपा केवल विपक्षी गठबंधन (INDIA) को निशाना बनाने के लिए इस मंच का इस्तेमाल कर रही है। 

सरकार ने महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें केवल वोट का साधन मान लिया

विधायक अशोक अरोड़ा ने चर्चा शुरू करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है और बजट का बड़ा हिस्सा केवल कर्ज का ब्याज चुकाने में जा रहा है कांग्रेस ने सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण संबंधी निंदा प्रस्ताव को राजनीतिक हथकंडा बताया। अशोक अरोड़ा के अनुसार, सरकार ने महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें केवल वोट का साधन मान लिया है। कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि 33% महिला आरक्षण को आगामी विधानसभा चुनावों से ही लागू किया जाना चाहिए। 

सत्ता पक्ष का पलटवार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बहिष्कार को 'गैर-जिम्मेदाराना' और 'महिला विरोधी मानसिकता' का प्रतीक बताया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "जिनके तर्क या टायर पंचर हो जाते हैं, वे अक्सर पार्किंग में ही खड़े मिलते हैं।

Join The Conversation Opens in a new tab
×