loader
The Haryana Story | 'सपनों का 'शटडाउन'-युवाओं के सपनों पर सरकार का 'यू-टर्न'... 21 महीने में योजना बंद, सैलजा ने बताया विश्वासघात

'सपनों का 'शटडाउन'-युवाओं के सपनों पर सरकार का 'यू-टर्न'... 21 महीने में योजना बंद, सैलजा ने बताया विश्वासघात

कुमारी सैलजा ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर युवाओं के साथ वादाखिलाफी और विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर युवाओं के साथ वादाखिलाफी और विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया है। सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों की विफलता एक बार फिर सामने आ गई है, जहाँ 60,000 युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे कर शुरू की गई 'आईटी सक्षम युवा योजना' को मात्र 21 महीनों के भीतर ही वापस ले लिया गया।

योजना के माध्यम से युवाओं को दिखाए गए थे सुनहरे सपने

कुमारी सैलजा ने कहा कि 12 जुलाई 2024 को प्रदेश को 'आईटी हब' बनाने के लक्ष्य के साथ इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत 18 से 35 साल के युवाओं को तीन महीने की विशेष ट्रेनिंग देकर दो साल तक 20 से 25 हजार रुपये प्रति माह मानदेय देने का वादा किया गया था। सांसद के अनुसार, युवा इस योजना के जरिए अपना भविष्य संवारने के सपने देख ही रहे थे कि सरकार ने अचानक इसे बंद करने का निर्णय ले लिया, जो उनके भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक है।

सरकार के पास नीति और स्पष्टता का अभाव

सैलजा ने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस परिणाम के योजनाओं को बीच में ही बंद कर देना यह दर्शाता है कि भाजपा के पास न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही युवाओं के भविष्य के प्रति कोई गंभीरता। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पहले से ही भारी बेरोजगारी की मार झेल रहा है और ऐसे फैसले युवाओं के साथ सीधा अन्याय हैं।

विपक्ष का हमला: कागजी घोषणाओं की खुली पोल

कांग्रेस सांसद ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार केवल इवेंट मैनेजमेंट और भारी-भरकम विज्ञापनों के जरिए जनता को भ्रमित करती है। "मिशन 60,000" जैसे दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब असल में रोजगार देने की बारी आती है, तो सरकार पीछे हट जाती है। यह पूरी कार्यप्रणाली की विफलता है जिसने प्रदेश के पढ़े-लिखे युवाओं को हताशा में धकेल दिया है। सांसद सैलजा ने कहा कि सरकार की इसी उदासीनता और बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग निराश होकर गलत रास्तों की ओर बढ़ रहा है, जो एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय है।

न तो युवाओं को रोजगार दे रही है साथ ही रोजगार के सारे रास्ते बंद कर रही

सरकार न तो युवाओं को रोजगार दे रही है साथ ही रोजगार के सारे रास्ते बंद कर रही है। जो युवा पहले से ही एचकेआरएन के तहत कार्यरत है उन्हें भी नौकरी से हटाने की साजिश की जा रही है, कुछ विभागों में हटा भी दिए गए है। रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। सांसद ने सरकार से मांग की कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए, खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए और रोजगार के क्षेत्र में ठोस व स्थायी नीतियां बनाई जाएं, ताकि प्रदेश के युवाओं को वास्तविक अवसर मिल सकें।

Join The Conversation Opens in a new tab
×