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The Haryana Story | सांसद जेपी का भाजपा पर तीखा हमला, बोले - 'भाजपा नेताओं की नहीं, इवेंट मैनेजरों की पार्टी', गोकुल सेतिया के बयान का समर्थन

सांसद जेपी का भाजपा पर तीखा हमला, बोले - 'भाजपा नेताओं की नहीं, इवेंट मैनेजरों की पार्टी', गोकुल सेतिया के बयान का समर्थन

सांसद जयप्रकाश अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महीने के पहले शुक्रवार को उचाना के पीडब्ल्यूडी (PWD) विश्राम गृह पहुंचे

हिसार लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महीने के पहले शुक्रवार को उचाना के पीडब्ल्यूडी (PWD) विश्राम गृह पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल हलके के लोगों की जनसमस्याएं सुनीं और उनके समाधान के निर्देश दिए, बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह पर जमकर शब्दबाण छोड़े।

मलाई खाने के बाद 'राहुल गांधी' बनने की कोशिश

सांसद जयप्रकाश ने उचाना से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की उस सोशल मीडिया पोस्ट का खुलकर समर्थन किया, जो इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। गोकुल सेतिया के बयान का समर्थन: विधायक गोकुल सेतिया द्वारा बृजेंद्र सिंह को लेकर किए गए कटाक्ष पर जयप्रकाश ने कहा, "गोकुल सेतिया जो कहता है, उसमें निश्चित रूप से सच्चाई होगी।" बता दें कि सेतिया ने बृजेंद्र सिंह पर तंज कसते हुए कहा था कि उन्होंने भाजपा में रहकर 'मलाई' खाई और अब यात्रा निकालकर 'हरियाणा का राहुल गांधी' बनने की कोशिश कर रहे हैं। जयप्रकाश ने कहा कि गोकुल सेतिया ने जो लिखा है, वह सच है और वे उनके स्टैंड के साथ खड़े हैं।

स्पेशल सत्र और वाकआउट पर भाजपा को घेरा

विधानसभा के विशेष सत्र से कांग्रेस के वाकआउट पर भाजपा द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए सांसद ने कहा, "भाजपा के पास अच्छे नेता नहीं हैं, बल्कि उनके पास अच्छे इवेंट मैनेज करने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा भाजपा हमेशा ड्रामे की राजनीति करती है। उन्होंने पिछले सत्रों का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर (SIR) केंद्र का कानून था, जिस पर विधानसभा सत्र बुलाने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस ने राजस्थान में एसआईआर पर चर्चा की मांग की थी, तब भाजपा ने इसे संसद का मामला बताकर टाल दिया था, लेकिन हरियाणा में वे दोहरा मापदंड अपना रहे हैं।

महिला आरक्षण पर नीयत साफ नहीं

महिला आरक्षण बिल को लेकर जयप्रकाश ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष के सहयोग से बिल पास हुआ, लेकिन इसे लागू करने की बात 2034 की जा रही है।"अगर केंद्र सरकार ईमानदार होती, तो सीटों का परिसीमन बढ़ाकर इसे आज से ही लागू करती। कानून आज बना रहे हैं और फायदा 10 साल बाद देने की बात कर रहे हैं, यह जनता के साथ धोखा है।

जनहित के मुद्दों पर बहस की चुनौती

सांसद ने दो-टूक शब्दों में कहा कि अगर भाजपा वाकई गंभीर है, तो विशेष सत्र बुलाकर हरियाणा में बढ़ती बेरोजगारी, बेलगाम भ्रष्टाचार, महंगाई, स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और शिक्षा जैसे असली मुद्दों पर चर्चा कराए। उन्होंने कहा कि भाजपा इन बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए केवल इवेंट बाजी कर रही है। अगर इन मुद्दों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस वॉकआउट करे, तब भाजपा को निंदा करने का हक है।

ये दोहरा चरित्र किसी का नहीं होना चाहिए

हिसार में हुई छात्र महापंचायत पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि समय रहते हुए जो व्यक्ति सही निर्णय नहीं लेता उस पार्टी का ये ही हश्र होता है। जब समय था किसानों पर गोलियां चले, लाठियां बरसे तब तो सत्ता से प्यार, जब तीन कृषि काले कानून पास हो तो सत्ता में, जब मुसीबत आ जाए तो किसान को याद करें ये दोहरा चरित्र किसी का नहीं होना चाहिए। तीन कृषि कानूनों के पक्ष में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर चुके है सरकार की जनता ने हर किसी की निंदा करनी चाहिए। चोला बदलने से या पार्टी बदलने से वो दोग धुल नहीं सकता। किसानों ने सवा साल संघर्ष करके किसानी बचाई है। जिन्होंने उस समय सरकार का साथ दिया वो लोग बच नहीं पाएंगे।

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