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The Haryana Story | बैंक अधिकारियों संग मिलकर करोड़ों का गबन, HSAMB के CFA राजेश सांगवान बर्खास्त

बैंक अधिकारियों संग मिलकर करोड़ों का गबन, HSAMB के CFA राजेश सांगवान बर्खास्त

सांगवान पर बोर्ड के करोड़ों रुपये के गबन की साजिश रचने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप

हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के मुख्य वित्त अधिकारी (CFA) राजेश सांगवान को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सांगवान पर बोर्ड के करोड़ों रुपये के गबन की साजिश रचने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप हैं।

विजिलेंस जांच में हुआ था बड़ा खुलासा

राजेश सांगवान का नाम मार्केटिंग बोर्ड के एक बड़े वित्तीय घोटाले में सामने आया था। आरोप है कि उन्होंने कुछ निजी व्यक्तियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी फंड को अवैध तरीके से डायवर्ट किया और गबन की साजिश रची। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच शुरू की थी।

14 मार्च को हुई थी गिरफ्तारी

इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने 14 मार्च को राजेश सांगवान को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद विभाग ने उन्हें सस्पेंड (निलंबित) कर दिया था। जेल जाने और प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब विभाग ने उन्हें नौकरी से पूरी तरह हटाने के औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

क्या है मुख्य आरोप?

जांच में सामने आया कि सांगवान ने पद पर रहते हुए नियमों को ताक पर रखकर बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के साथ छेड़छाड़ की। इसमें निजी एजेंटों की मदद ली गई ताकि सरकारी पैसे को खुर्द-बुर्द किया जा सके। विभाग द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बर्खास्तगी के बाद विभाग के अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि विजिलेंस अभी इस घोटाले से जुड़े अन्य कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।

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