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The Haryana Story | मनीषा डेथ मिस्ट्री में CBI की Timeline गायब, पिता का आरोप- 'बड़े सियासी हाथ' का साया! गरीब समझकर दबाया जा रहा सच

मनीषा डेथ मिस्ट्री में CBI की Timeline गायब, पिता का आरोप- 'बड़े सियासी हाथ' का साया! गरीब समझकर दबाया जा रहा सच

सीबीआई की ढीली चाल से टूटा परिवार, इंसाफ के लिए फिर खाप की चौखट पर पिता, जांच अधिकारी बदलते ही ठंडी पड़ी सीबीआई की 'रफ्तार'

हरियाणा के भिवानी जिले के बहुचर्चित मनीषा डेथ मिस्ट्री में अब एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ सीबीआई जांच में हो रही देरी और जांच अधिकारी के बदले जाने से परेशान होकर मृतका के पिता संजय कुमार को एक बार फिर खाप पंचायत की शरण में जाना पड़ा है। पिता ने दिल्ली में सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द से जल्द सच सामने लाने की गुहार लगाई है।

अधिकारी बदला, जांच की रफ्तार पड़ी धीमी

मनीषा के पिता संजय कुमार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि सीबीआई की तरफ से अभी तक कोई संतोषजनक या खास रिस्पांस नहीं मिल रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि इस केस को देख रहे पहले वाले जांच अधिकारी को बदल दिया गया है और अब नए अधिकारी आए हैं। जब भी परिवार प्रगति के बारे में पूछता है, तो अधिकारी कभी डीवीआर रिपोर्ट न आने तो कभी अन्य तकनीकी दस्तावेजों का बहाना बना देते हैं। सीबीआई ने अभी तक अंतिम खुलासे के लिए कोई भी टाइमलाइन (समय-सीमा) तय नहीं की है।

'मामला राजनीतिक, इसलिए सच दबाने की कोशिश'

संजय कुमार का सीधा आरोप है कि यह पूरा मामला राजनीतिक दबाव से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा: "अगर यह कोई आम मामला या किसी आम व्यक्ति से जुड़ा होता, तो प्रशासन अब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका होता। कोई न कोई बड़ा राजनीतिक हाथ है, जो सच को बाहर नहीं आने दे रहा है। उन्हें लगता है कि हम एक गरीब परिवार हैं और वक्त के साथ यह मामला दब जाएगा, लेकिन हम आखिरी सांस तक अपनी बेटी के न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।" 

दो बार ज्ञापन बेकार, इसलिए बुलाई गई महापंचायत

मनीषा के पिता ने बताया कि  वे इंसाफ के लिए सरकार को दो बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई। न्याय में हो रही देरी के कारण पूरा परिवार अंदर से टूटता जा रहा है, इसी हताशा के चलते उन्हें भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण में 36 बिरादरी की महापंचायत बुलानी पड़ी। महापंचायत में अब लोग यह मांग कर रहे हैं कि सीबीआई को 3 सितंबर 2025 से चल रही अपनी जांच का स्टेटस और सच सार्वजनिक करना चाहिए। सरकार की ओर से परोक्ष रूप से आए आर्थिक मदद या नौकरी के संदेश को भी परिवार ने पूरी तरह ठुकरा दिया है।

क्या है पूरा मामला? मनीषा डेथ मिस्ट्री की मुख्य कड़ियां

  • 11 अगस्त 2025 ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा घर से प्ले स्कूल में पढ़ाने निकली थी, जहाँ से वह नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गई और लापता हो गई।
  • 13 अगस्त 2025 सिंघानी गांव के खेतों में नहर के पास मनीषा का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। पुलिस का दावा हरियाणा पुलिस ने इसे आत्महत्या (कीटनाशक खाने से मौत) करार दिया और बाद में एक सुसाइड नोट भी पेश किया।
  • परिवार का आरोप शव पर धारदार चोट और गले के निशान को देखते हुए परिवार व ग्रामीणों ने इसे निर्मम हत्या और दुष्कर्म की आशंका बताया।
  • 3 बार पोस्टमार्टम पुलिस की थ्योरी पर बवाल के बाद शव का पहला पोस्टमार्टम भिवानी, दूसरा रोहतक PGI और तीसरा दिल्ली एम्स (AIIMS) में कराया गया।

 

खाप पंचायतों ने दी चेतावनी 

शुरुआती दौर में एम्स की रिपोर्ट और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई भी इस मामले को मर्डर एंगल (हत्या) से जोड़कर देख रही थी, लेकिन जांच अधिकारी के ट्रांसफर और धीमी प्रक्रिया ने अब मनीषा के परिवार की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। खाप पंचायतों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीबीआई ने दिल्ली से आकर भिवानी में ठोस खुलासा नहीं किया, तो यह आंदोलन एक बार फिर बड़ा रूप ले सकता है।

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