गुरुग्राम में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर से रविवार दोपहर एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां की लोअर कोर्ट के रिकॉर्ड रूम में अचानक लगी भयंकर आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे में कोर्ट रूम में रखी हजारों महत्वपूर्ण फाइलें और कानूनी दस्तावेज जलकर खाक होने की आशंका है।
वकीलों ने दी सूचना, मौके पर पहुंची 10 गाड़ियां
रविवार का दिन होने की वजह से कोर्ट परिसर में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल नहीं थी। दोपहर के वक्त वहां से गुजर रहे कुछ वकीलों ने सबसे पहले रिकॉर्ड रूम की खिड़कियों से गहरा काला धुआं निकलते देखा। वकीलों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना कोर्ट के चौकीदार और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत घटना स्थल पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि आसमान में कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था।
5 घंटे की मशक्कत, खिड़कियां काटकर अंदर घुसे दमकलकर्मी
फायर ब्रिगेड की टीमों को आग पर काबू पाने के लिए काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रिकॉर्ड रूम के दरवाजे बंद होने के कारण दमकलकर्मियों ने कटर की मदद से लोहे की खिड़कियों को काटा और अंदर पानी की बौछारें शुरू कीं। दमकल विभाग के लगभग 20 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने चारों तरफ से मोर्चा संभाला और करीब 5 घंटे से अधिक समय की भारी मशक्कत के बाद आग को आगे फैलने से रोका जा सका।
आग की तपिश से ढह गई इमारत
आग की लपटें इतनी तेज थीं और तापमान इतना अधिक हो गया था कि रिकॉर्ड रूम वाली बिल्डिंग की दीवारें और छत कमजोर हो गईं। आग बुझाने के अभियान के दौरान ही दो मंजिला पुरानी इमारत का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में कोई दमकलकर्मी या नागरिक नहीं आया।
महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नष्ट, डिजिटल बैकअप की होगी जांच
इस हादसे में सबसे बड़ा नुकसान अदालती दस्तावेजों का हुआ है। रिकॉर्ड रूम में जमीन-जायदाद, आपराधिक मामलों, और कई पुराने संवेदनशील केस की फाइलें जमा थीं। आग की वजह से हजारों कागजी फाइलें पूरी तरह जल चुकी हैं।
कितना नुकसान हुआ?
आधिकारिक तौर पर अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितना रिकॉर्ड पूरी तरह जल चुका है और कितनी फाइलों को सुरक्षित निकाला गया है। क्या बैकअप मौजूद है? प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। इसके साथ ही यह जांच की जाएगी कि नष्ट हुए रिकॉर्ड्स का कितना हिस्सा डिजिटल तौर पर पहले से सुरक्षित (स्कैन) किया जा चुका था।
शॉर्ट सर्किट बनी शुरुआती वजह
हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इस अग्निकांड की संभावित वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, रविवार को कोर्ट बंद होने के बावजूद शॉर्ट सर्किट कैसे हुआ, इस पहलू को लेकर संशय बना हुआ है। पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत और गहन जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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