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The Haryana Story | आम कैदी तरसते हैं, राम रहीम पर मेहरबानी बरसती है...राम रहीम फिर जेल से बाहर, 9 साल में 16वीं बार मिली पैरोल

आम कैदी तरसते हैं, राम रहीम पर मेहरबानी बरसती है...राम रहीम फिर जेल से बाहर, 9 साल में 16वीं बार मिली पैरोल

मीडिया को भनक लगे बिना सिरसा पहुंचे राम रहीम

साध्वियों के यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। हरियाणा सरकार ने राम रहीम को 30 दिनों की पैरोल मंजूर की है, जिसके बाद आज सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आ गया है। साल 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से यह 16वीं बार है जब राम रहीम को पैरोल या फरलो मिली है। इस साल (2026) में यह दूसरी बार है जब वह जेल की सलाखों से बाहर आया है। इससे पहले 5 जनवरी 2026 को उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी।

सुबह-सुबह भारी सुरक्षा के बीच जेल से रवानगी

जेल प्रशासन और पुलिस ने कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राम रहीम की रिहाई की प्रक्रिया को पूरी तरह गुप्त रखने का प्रयास किया। सुबह ठीक 6:34 बजे राम रहीम सुनारिया जेल के मुख्य गेट से बाहर आया। जेल से बाहर आते ही पंजाब और हरियाणा पुलिस की कई गाड़ियों के कड़े सुरक्षा घेरे और भारी पुलिस काफिले के साथ उसे सीधे रवाना किया गया। पैरोल के इन 30 दिनों के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित अपने डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में ही रहेगा। वह 24 जून 2026 को वापस सुनारिया जेल लौटेगा। 

डेरा प्रमुख पर लगाई गईं सख्त पाबंदियां

जेल नियमों और स्थानीय प्रशासन द्वारा राम रहीम की इस पैरोल अवधि के लिए कुछ कड़े नियम तय किए गए हैं। वह किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बड़ी जनसभा या रैली को संबोधित नहीं कर सकेगा। पैरोल के दौरान वह सिरसा डेरे की तय सीमा से बाहर नहीं जा सकेगा। पाबंदियों के बावजूद राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि वह डेरे के भीतर एक जगह बैठकर भी वर्चुअल माध्यमों के जरिए अपने समर्थकों को संदेश व दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।

पैरोल की टाइमिंग और आगामी चुनाव का कनेक्शन

राम रहीम को बार-बार मिलने वाली इस राहत पर विपक्ष और कई सामाजिक व सिख संगठन लगातार हरियाणा सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगले साल (2027) की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। डेरा सच्चा सौदा के पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी इन राज्यों में चुनाव नजदीक आते हैं, राम रहीम किसी न किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल से बाहर आ जाता है। इसे लेकर सरकार की मंशा पर लगातार "विशेष मेहरबानी" के आरोप लगते रहे हैं।

9 सालों में 430 दिन जेल से बाहर

गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा मिली थी। इसके अलावा हाल ही में मार्च 2026 में पंजाब और Haryana High Court ने उसे पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी कर दिया था, जिसमें पहले उसे सीबीआई अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा मिली हुई थी। सजा शुरू होने से लेकर पिछले 9 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वह कुल 430 दिनों के करीब जेल से बाहर गुजार चुका है। जेल नियमों के अनुसार, एक सामान्य कैदी को साल में औसतन 70 से 100 दिन तक पैरोल/फरलो मिल सकती है, जिसे विशेष परिस्थितियों में बदला जा सकता है। इस साल की नई पैरोल मिलने के बाद राम रहीम के इस वर्ष के भी 70 दिन पूरे हो जाएंगे। खास बात यह भी है कि डेरा प्रमुख ने जेल में अपने अच्छे आचरण का हवाला देते हुए कोर्ट में नियमित जमानत के लिए भी अर्जी लगा रखी है।

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