हरियाणा के करनाल जिले में बेखौफ राइस मिलर्स द्वारा सरकारी धान को धड़ल्ले से खुर्द-बुर्द करने का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। तरावड़ी की दो बड़ी राइस मिलों से करोड़ों रुपये का सरकारी धान रहस्यमयी तरीके से गायब कर दिया गया है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा किए गए फिजिकल वैरीफिकेशन में इस बड़े महाघोटाले का भंडाफोड़ हुआ है।
36,000 क्विंटल सरकारी धान गायब
दो राइस मिलों से 36,000 क्विंटल सरकारी धान गायब पाया गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मिल मालिकों और खाद्य आपूर्ति विभाग के दो निरीक्षकों पर केस दर्ज कर दिया है, जिसमें से एक सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
बिना चालू मशीनों के चल रहा था कागजी खेल
जांच टीम जब तरावड़ी स्थित बालाजी राइस मिल और विश्वकर्मा राइस मिल पर स्टॉक की जांच करने पहुंची, तो वहां के हालात देखकर अधिकारी दंग रह गए. दोनों ही मिलों में धान से चावल तैयार करने वाली मशीनें चालू हालत में ही नहीं थीं। इसके बावजूद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों पर इन्हें भारी मात्रा में सरकारी धान अलॉट कर दिया गया था।
मिलों में स्टॉक की भारी कमी
भौतिक जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में जमीन-आसमान का अंतर मिला। बालाजी राइस मिल के स्टॉक में लगभग 10,000 क्विंटल सरकारी धान कम मिला। विश्वकर्मा राइस मिल में स्टॉक से करीब 26,000 क्विंटल धान गायब था।
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