'चंडीगढ़ पुलिस का आधुनिक और तकनीकी सफर' अनावरण समारोह के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बल के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह दशकों यानी 60 साल में चंडीगढ़ पुलिस केवल एक पारंपरिक सुरक्षा बल नहीं रही, बल्कि आज यह एक बेहद मॉडर्न, टेक्नोलॉजी-बेस्ड और जन-केंद्रित पुलिस बल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह डायमंड जुबली वर्ष पुलिस की अब तक की उपलब्धियों को याद करने का तो जरिया है ही, साथ ही आम जनता के बीच सुरक्षा और भरोसे के रिश्ते को और अधिक प्रगाढ़ करने का एक बेहतरीन मौका है।
स्कूली छात्रों की कला को मिला सम्मान
इस ऐतिहासिक उत्सव को खास बनाने और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के छात्रों के लिए एक 'डायमंड जुबली लोगो डिजाइन प्रतियोगिता' आयोजित की थी। इस प्रतियोगिता में करीब 450 छात्रों ने हिस्सा लिया। मुख्य समारोह के दौरान DGP ने विजेता छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया, जिसमें प्रथम पुरस्कार रयान इंटरनेशनल स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र भुवनेश शर्मा को मिला, द्वितीय पुरस्कार जीएमएसएसएस (GMSSS), सेक्टर 23 की बारहवीं कक्षा की छात्रा मीनाक्षी ने जीता और तृतीय पुरस्कार जीएमएसएसएस (GMSSS), कार्सन के नौवीं कक्षा के छात्र रक्षित कुमार को दिया गया।
चंडीगढ़ पुलिस की प्रमुख उपलब्धियां और रिकॉर्ड
देश में सबसे तेज रिस्पॉन्स टाइम: गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस ने साल 2025 में 5.6 मिनट का औसत इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम दर्ज किया, जो पूरे भारत में सबसे तेज है (राष्ट्रीय औसत 18.61 मिनट है)।
कानूनों को लागू करने में अग्रणी: जुलाई 2024 में देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS, BSA) को पूरी तरह से जमीन पर उतारने वाला चंडीगढ़ देश के पहले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल रहा।
सुरक्षा का मजबूत ढांचा: 1966 में एक बेहद छोटे स्तर से शुरू हुई चंडीगढ़ पुलिस आज 16 पुलिस स्टेशनों, 18 पुलिस चौकियों और 6,000 से अधिक जवानों के आधुनिक कार्यबल के साथ देश में सबसे बेहतरीन Police Density वाले क्षेत्रों में से एक है।
साल भर आयोजित होंगे ये विशेष कार्यक्रम
चंडीगढ़ पुलिस इस डायमंड जुबली वर्ष के तहत आने वाले महीनों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं, पब्लिक आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट, स्पोर्ट्स इवेंट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रम, साइबर क्राइम और सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने इस बात पर भी जोर दिया कि आने वाले समय में साइबर अपराधों की चुनौती बढ़ने वाली है, जिससे निपटने के लिए चंडीगढ़ पुलिस अपनी तकनीकी क्षमता और वर्कफोर्स को लगातार अपग्रेड कर रही है।
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