डिकाडला गांव निवासी तीन दोस्तों की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या करने के एक आरोपी को सीआईए वन पुलिस ने शुक्रवार देर शाम समालखा क्षेत्र में पट्टीकल्याणा रोड से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान डिकाडला निवासी मनीष के रूप में हुई है। उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया की पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए वन टीम को जांच सौंपी थी।
10 दिन के पुलिस रिमांड पर
पुलिस टीम ने अपने सभी सोर्स एक्टिव कर शुक्रवार देर शाम आरोपी डिकाडला निवासी मनीष को पट्टीकल्याणा रोड से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपने कई अन्य साथी आरोपियों के साथ मिलकर रंजिशन स्कार्पियों से कुचलकर हत्या करने की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। पुलिस ने शनिवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 10 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही फरार आरोपियों के ठिकानों को पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी।
यह है मामला
थाना समालखा में डिकाडला निवासी विरेंद्र पुत्र फतेह सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वे पांच भाई है। 10 जून को रात करीब 9 बजे वह अपने छोटे भाई जितेंद्र के साथ समालखा में अपने हॉस्पिटल में था। तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी की उसके भाई नरेंद्र व उसके दोस्त विनोद व अनीप पर जानलेवा हमला कर दिया है। तीनों को काफी चोटे आई है और उनकी हालत गंभीर है। वह भाई जितेंद्र व दोस्त परवीन के साथ तभी गांव के लिए निकल लिया। वे तीनों गाड़ी से जीटी रोड पर पहुचें तो गांव निवासी कुछ युवक गांड़ी से नरेंद्र को लेकर आए। उसको देखकर गाड़ी रोक ली औ वह उसी गाड़ी में बैठ गया। नरेंद्र को माथे पर चोट लगी थी। नरेंद्र, विनोद व अनीप को इलाज के लिए पहले ऑर्टियोस हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से बाद में सिविल अस्पताल लेकर गए जहा डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी
विरेंद्र ने शिकायत में बताया कि रास्ते में उसके भाई नरेंद्र ने दर्द से कहराते हुए बताया था गांव निवासी मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर व आटा निवासी सूरज ने मिलकर पुरानी रंजिश रखते हुए गाड़ी से कुचलकर टक्कर मारी। नरेंद्र ने उसको बताया था कि वह शाम को हरिद्वार से वापिस आने के बाद देर शाम करीब 8 बजे दोस्त विनोद व अनीप के साथ खेतों में सैर करने गया था। वे तीनों सैर कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लोट रहे थे। तभी आटा गांव की और से मनीष स्कॉर्पियो में अपने उक्त दोस्तों के साथ आया और पास से गुजर गए। कुछ देर बाद वही गाड़ी पीछे से आई और जान से मारने की नीयत से स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारकर आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और डंडे व लात घूस्सों से मारपीट की।
मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए
आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। मनीष माइनिंग का काम करता है। कुछ महीने पहले उसका ट्रैक्टर ट्राली माइनिंग में जब्त हुआ था। मनीष इसका शक नरेंद्र पर करता था। इसी की रंजिश रखते हुए मनीष ने अपने उक्त साथी आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने विरेंद्र की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में अभियोग दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी। पुलिस ने मामले की त्वरित जांच करते हुए वारदात की देर रात की जीटी रोड पर एक ढाबे से वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियों गाड़ी बरामद की थी। गाड़ी का एक टायर जलकर नष्ट हो गया था। आरोपी गाड़ी को ढाबे पर खड़ी कर फरार हो गए थे।
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