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The Haryana Story | चंडीगढ़ में बढ़ती आपराधिक वारदातों के खिलाफ 'गदा' लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे गुरसिमरन सिंह मंड, सख्त कार्रवाई की मांग की

चंडीगढ़ में बढ़ती आपराधिक वारदातों के खिलाफ 'गदा' लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे गुरसिमरन सिंह मंड, सख्त कार्रवाई की मांग की

चंडीगढ़ जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में गैंगस्टरों की सक्रियता बढ़ना चिंता का विषय

चंडीगढ़ में पिछले कुछ समय से हो रही आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर इंटरनेशनल एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया। वे हाथ में गदा लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे और शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की अपील की।

कानून-व्यवस्था पर जताई चिंता

मीडिया से बात करते हुए गुरसिमरन सिंह मंड ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में गैंगस्टरों की सक्रियता बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की वारदातें पहले अन्य राज्यों में देखी जाती थीं, वैसी ही घटनाएं अब यहां भी सिर उठा रही हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस प्रशासन से सख्त रवैये की मांग

मंड ने प्रशासन से मांग की कि अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने के लिए पुलिस को और अधिक प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सुरक्षा बलों के लिए अधिक स्वायत्तता की वकालत करते हुए कहा कि जब तक अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।

सेक्टर 11 की घटना का उल्लेख

हाल ही में सेक्टर 11 में एक मेडिकल स्टोर के कर्मचारी की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने गहरा दुख जताया। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय बताया और कहा कि एक निर्दोष व्यक्ति की सरेआम हत्या समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

आत्मरक्षा का प्रतीक गदा

एसएसपी कार्यालय में गदा लेकर पहुंचने के सवाल पर मंड ने स्पष्ट किया कि यह उनकी सुरक्षा और आत्मरक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए इसे साथ रखा है। इस मुलाकात के माध्यम से उन्होंने पुलिस प्रशासन को आगाह किया कि शहर की शांति बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों और गैंगस्टर कल्चर पर तुरंत नकेल कसना अनिवार्य है।

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