सुप्रीम कोर्ट ने 616 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हरियाणा के समालखा से पूर्व कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर की जमानत याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पूर्व विधायक से सीधा सवाल किया है कि उन्होंने हजारों होमबायर्स से फ्लैट के नाम पर पैसे तो ले लिए लेकिन उन्हें घर नहीं दिए, तो अब वे उन मासूम खरीदारों के पैसे कैसे लौटाएंगे?
कोर्ट ने मांगा पूरा रोडमैप और संपत्तियों का ब्योरा
जस्टिस की पीठ ने साफ कर दिया कि जब तक पूर्व विधायक और माहिरा ग्रुप के प्रमोटर धर्म सिंह छौक्कर होमबायर्स के हितों की रक्षा करने का कोई ठोस उपाय नहीं दिखाते, तब तक उनकी जमानत अर्जी पर विचार करना मुश्किल है। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से पहले खरीदारों के पैसों की रिकवरी या उन्हें मुआवजा देने का पूरा प्लान मांगा है।
संपत्तियों का हलफनामा
कोर्ट में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक की मांग पर, छौक्कर, उनके बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों की सभी चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण मांगा गया है। कोर्ट ने यह भी बताने को कहा है कि इन पारिवारिक संपत्तियों पर कोई बैंक लोन या अन्य देनदारी है या नहीं।
क्या है माहिरा ग्रुप का 616 करोड़ का महाघोटाला?
यह पूरा मामला माहिरा होम्स की किफायती हाउसिंग परियोजनाओं से जुड़ा है, जिसके प्रमोटर खुद पूर्व विधायक छौक्कर हैं। गुरुग्राम के सेक्टर 68 में 'साई आईना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड' (माहिरा ग्रुप की कंपनी) को करीब 1,500 फ्लैट बनाने का लाइसेंस मिला था।
पैसा जुटाया, काम नहीं किया
लगभग 1,500 मध्यमवर्गीय खरीदारों से फ्लैट्स के नाम पर 363 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी रकम जुटाई गई। लेकिन तय समय (2021-22) बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। ED की जांच के अनुसार, होमबायर्स से जुटाए गए पैसों को निर्माण कार्य में लगाने के बजाय दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया गया। इस पैसे से छौक्कर और उनके परिवार ने अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए करोड़ों की संपत्तियां खरीदीं। ईडी का दावा है कि इस घोटाले में 616 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ठिकाने लगाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को फर्जी बैंक गारंटियां भी सौंपी गई थीं।
हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है जमानत
सुप्रीम कोर्ट आने से पहले, अप्रैल 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने धर्म सिंह छौक्कर की नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मामले की वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी बेहद गंभीर है। आरोपी जांच के दौरान लगातार ईडी के समन की अवहेलना करता रहा और उसके फरार होने की पूरी आशंका है। गरीब और मध्यमवर्गीय होमबायर्स के साथ हुए इस धोखे को अदालत हल्के में नहीं ले सकती।
नाटकीय ढंग से हुई थी गिरफ्तारी
धर्म सिंह छौक्कर को ईडी ने लंबे समय तक फरार रहने के बाद 5 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें ईडी की टीम को देखते ही पूर्व विधायक होटल के गेट की तरफ भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ईडी अधिकारियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर दबोच लिया था। तब से वे जेल में ही बंद हैं।सुप्रीम कोर्ट ने अब साफ कर दिया है कि राहत पाने के लिए छौक्कर को अपनी नीयत साबित करनी होगी और होमबायर्स की पाई-पाई लौटाने का इंतजाम कोर्ट के सामने रखना होगा।
related
खतरे में जिंदगियां: अवैध पटाखा गोदाम में धमाके से हिलीं कईं मकानों की नींव, मलबे की चपेट में आई बच्ची
अमर हुआ खाकी का फर्ज: ब्रेन डेड होने के बाद भी कुलदीप ने निभाया 'रक्षक' का धर्म, अंगदान की पेश की मिसाल
आबादी के करीब मंडराया तेंदुआ, शिकार मुंह में दबोचे दिखा, प्रतापनगर के मांडेवाला गऊशाला क्षेत्र में दहशत
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?