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The Haryana Story | बेंगलुरु की तर्ज पर स्वच्छ बनेगा रोहतक: हॉटस्पॉट पर सीसीटीवी कैमरों व बड़े शीशों से रखी जा रही पैनी नज़र, उल्लंघन करने वालों की तस्वीरें स्क्रीन पर होंगी लाइव

बेंगलुरु की तर्ज पर स्वच्छ बनेगा रोहतक: हॉटस्पॉट पर सीसीटीवी कैमरों व बड़े शीशों से रखी जा रही पैनी नज़र, उल्लंघन करने वालों की तस्वीरें स्क्रीन पर होंगी लाइव

गंदगी फैलाने और खुले में पेशाब करने वालों की अब खैर नहीं, लगेगा भारी जुर्माना

AI-Generated Images

हरियाणा के रोहतक शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार करने के लिए नगर निगम ने एक बेहद सख्त और अनोखी मुहिम की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत अभियान' से प्रेरणा लेते हुए अब रोहतक को बेंगलुरु (कर्नाटक) के स्वच्छता मॉडल की तर्ज पर सुंदर बनाया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थानों, मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर कूड़ा फेंकने, गंदगी फैलाने या खुले में पेशाब करने वालों पर नगर निगम डिजिटल तकनीक के ज़रिए सीधे निगरानी रख रहा है।

शीला बाईपास चौक से हुई 'ट्रायल' की शुरुआत

नगर निगम प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी योजना का पहला ट्रायल शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक शीला बाईपास चौक के पास शुरू कर दिया है। यहाँ के अनुभव और सफलता के आधार पर इस प्रोजेक्ट को जल्द ही पूरे रोहतक शहर के अन्य मुख्य चौकों और संवेदनशील हॉटस्पॉट यानी गंदगी वाले क्षेत्रों में लागू किया जाएगा।

सीसीटीवी और 'बड़े शीशों' का अनोखा कॉम्बिनेशन

इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम ने दो-स्तरीय सुरक्षा और निगरानी तंत्र तैयार किया है। खुले में पेशाब करने या कचरा फेंकने वाले स्थानों पर बड़े-बड़े शीशे लगाए गए हैं। इसका मनोवैज्ञानिक असर यह होगा कि गंदगी फैलाने वाले को खुद का चेहरा देखकर आत्मग्लानि महसूस होगी और वह ऐसा करने से रुकेगा। वहीं शीशों के साथ-साथ हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इन कैमरों का सीधा लिंक नगर निगम के कंट्रोल रूम से है, जहाँ अधिकारी लगातार नज़र बनाए हुए हैं। 

पकड़े जाने पर 'नेम एंड शेम' नीति और जुर्माना

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, केवल निगरानी ही नहीं बल्कि कड़े दंडात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं। कैमरों की मदद से कचरा फेंकने या नियमों का उल्लंघन करने वालों की सटीक पहचान की जाएगी और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं जो लोग बार-बार समझाने के बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाएंगे, उनकी पहचान उजागर करने के लिए उनकी तस्वीरें चौकों पर लगी डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित की जाएंगी।

सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता पर ज़ोर

नगर निगम का मुख्य उद्देश्य लोगों को केवल दंडित करना नहीं, बल्कि उनके भीतर सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जगाना है। निगम अधिकारियों का मानना है कि जब लोगों को यह अहसास होगा कि उनकी हरकतों पर तीसरी आँख नज़र रख रही है, तो वे सार्वजनिक संपत्तियों को गंदा करने से बचेंगे। रोहतक को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम की इस 'बेंगलुरु तर्ज' वाली डिजिटल पहल की स्थानीय जागरूक नागरिकों ने भी सराहना शुरू कर दी है।

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