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The Haryana Story | लाडवा थाने में कैंसर पीड़ित से कुकर्म मामले की जांच तेज, आरोपी पुलिसकर्मियों का हुआ मेडिकल, पीड़ित की बीमारी का बनाया था मज़ाक

लाडवा थाने में कैंसर पीड़ित से कुकर्म मामले की जांच तेज, आरोपी पुलिसकर्मियों का हुआ मेडिकल, पीड़ित की बीमारी का बनाया था मज़ाक

एसआईटी ने मामले की त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई संजीव कुमार, एएसआई राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को जांच का हिस्सा बनाया

कुरुक्षेत्र के लाडवा उपमंडल थाना में बोन कैंसर पीड़ित युवक के साथ मारपीट और कुकर्म करने के गंभीर मामले में गठित एसआईटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। इस मामले के तीनों आरोपियों एएसआई संजीव कुमार, एएसआई राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को जांच में शामिल किया गया है, जिसके बाद पुलिस टीम ने कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण करवाया है।

जांच को पहनाया जा चुका अमलीजामा

कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा उपमंडल थाना के कमरा नंबर 4 में एक बेकसूर बोन कैंसर पीड़ित युवक के साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट करने और कुकर्म (अप्राकृतिक यौन शोषण) को अंजाम देने के सनसनीखेज मामले में जांच को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। विशेष जांच दल की चौकसी के बीच आरोपी दोनों सहायक उप-निरीक्षक और एक होमगार्ड को तफ्तीश में शामिल किया गया है।

एलएनजेपी अस्पताल में आरोपियों का मेडिकल परीक्षण

लाडवा के डीएसपी निर्मल सिंह की अगुआई वाली एसआईटी ने मामले की त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई संजीव कुमार, एएसआई राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को जांच का हिस्सा बनाया। इसके तुरंत बाद तीनों पुलिसकर्मियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका विस्तृत मेडिकल टेस्ट संपन्न कराया गया। इसके साथ ही पीड़ित युवक का भी दोबारा मेडिकल करवाया जा रहा है, ताकि केस के वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत किया जा सके।

हर पहलू की बारीकी से हो रही गहन जांच: डीएसपीडी

एसपी निर्मल सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र चंद्र मोहन के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत इस बेहद संवेदनशील मामले में बिना किसी ढिलाई के तत्परता से कानूनी कार्रवाई जारी है। डीएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा:"हम मामले के हर छोटे से छोटे पहलू और हर बारीक चीज को गहराई से जांच रहे हैं। जिन दो एएसआई और एक होमगार्ड पर यह घिनौना आरोप लगा है, उन्हें शामिल तफ्तीश करके मेडिकल करवा लिया गया है और आगामी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है।

क्या है पूरा मामला?

चेहरे पर कपड़ा बांधने को लेकर विवाद 17 जून की रात निजी बैंक में कार्यरत 30 वर्षीय बोन कैंसर पीड़ित युवक मोटरसाइकिल से इंद्री रोड होकर घर लौट रहा था। इंद्री रोड पर जांच चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसके चेहरे पर बंधे कपड़े को लेकर बहस शुरू की, जिसके बाद उन्होंने उसे थप्पड़ मारा और मोबाइल फोन छीनकर जबरन लाडवा थाने ले आए।

बीमारी का मजाक और कुकर्म

पीड़ित ने बताया कि वह कीमोथेरेपी के कारण अपने शरीर के बाल खो चुका है और जब उसने अपनी गंभीर बीमारी की बात पुलिस को बताई, तो आरोपियों ने उसकी शारीरिक स्थिति पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए उसका मजाक उड़ाया। इसके बाद रात के वक्त थाने के 'कमरा नंबर-4' में ले जाकर उसके कपड़े उतरवाए गए और उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।

ब्लीडिंग और अस्पताल में भर्ती

अगले दिन जब युवक की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ी और उसे ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने लगी, तो उसने हिम्मत जुटाकर परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों ने उसे तुरंत एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों ने उसके पैर में फ्रैक्चर होने की भी पुष्टि की है।

एसपी ने तीनों आरोपियों को किया सस्पेंड

मामले की गंभीरता और मानवाधिकारों के सरेआम हनन को देखते हुए कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने तत्परता दिखाते हुए दोनों एएसआई संजीव कुमार, राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था। पुलिस प्रशासन का दावा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

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