हरियाणा के सोनीपत में पुलिस और मोस्ट वांटेड क्रिमिनल के बीच हुई मुठभेड़ में दो बार उम्रकैद की सजा पा चुका कुख्यात बदमाश गोपाल उर्फ गोपी (45) मारा गया है। यह एनकाउंटर गन्नौर क्षेत्र के ख़ूबडू गांव के पास हुआ, जहां अपनी जान पर खेलकर पुलिस टीम ने एक बड़ी हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में हरियाणा पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल के बाएं हाथ में गोली लगी है। घायल पुलिसकर्मी को तुरंत इलाज के लिए खानपुर कलां के भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सोनीपत की पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने इस ऑपरेशन को संगठित अपराध के खिलाफ जिला पुलिस की एक बड़ी कामयाबी बताया है।
एनकाउंटर की पूरी कहानी
हत्या की वारदात से ठीक पहले घेराबंदी सोनीपत पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि पैरोल से फरार चल रहा बदमाश गोपाल उर्फ गोपी किसी बड़ी हत्या की वारदात को अंजाम देने के इरादे से खूबडू गांव की तरफ आ रहा है। जैसे ही पुलिस की टीम ने ख़ूबडू गांव के पास उसे रोकने की कोशिश की, उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश की एक गोली वहां तैनात हेड कॉन्स्टेबल के बाएं हाथ में जा लगी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही ढेर हो गया।
पैरोल पर बाहर आकर मचाया था आतंक
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गोपाल उर्फ गोपी एक बेहद शातिर और खूंखार किस्म का अपराधी था। उसे साल 2010 और साल 2016 के दो अलग-अलग हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी थी।
70 दिन की पैरोल पर आया था बाहर
वह इसी साल फरवरी में 70 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद उसने जेल प्रशासन के सामने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। फरारी के दौरान की वारदातें जेल से बाहर भागने के बाद भी उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा। उसने अपने गांव अटायल में एक शराब के ठेके पर पिस्तौल के बल पर लूटपाट की, कर्मचारियों को पीटा और ठेके में आग लगा दी। इसके अलावा उसने समालखा इलाके से एक ब्रेज़ा कार लूटी और एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला भी किया था।
पुलिस महानिदेशक और कमिश्नर का कड़ा संदेश
सोनीपत की पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ने साफ किया है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। पिछले कुछ महीनों में संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कई बड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है या उन्हें ढेर किया गया है। ख़ूबडू गांव में हुई इस मुठभेड़ के बाद पुलिस की फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
मनोज की हत्या करने की फिराक में घूम रहा था
पुलिस के मुताबिक, मई में उसने जमीनी विवाद को लेकर अटायल गांव में मनोज के घर पर फायरिंग की थी। इसके 15 से 20 दिन बाद गांव के शराब ठेके पर लूट के इरादे से फायरिंग और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। उसके खिलाफ पानीपत के समालखा क्षेत्र से एक ब्रेजा कार चोरी करने का मामला भी दर्ज था। सोमवार को भी वह मनोज की हत्या करने की फिराक में घूम रहा था। पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने कहा कि गोपाल के बारे में जानकारी मिलते ही टीमें उसके पीछे लग गई थीं। कार्रवाई में सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव के नेतृत्व में टीम ने हिस्सा लिया। टीम में PSI रविकांत, PSI ओमवीर, SI मुकेश, ASI विजेश्वर, ASI कृष्ण, हेड कांस्टेबल देवेंद्र, हेड कॉन्स्टेबल राकेश, कॉन्स्टेबल विकास सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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