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The Haryana Story | मनीषा मौत मामला: बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर 29 जून से आमरण अनशन पर बैठेंगे पिता, बोले- 'अनुमति मिले या न मिले, हर हाल में बैठूंगा अनशन पर'

मनीषा मौत मामला: बेटी के लिए न्याय की गुहार लेकर 29 जून से आमरण अनशन पर बैठेंगे पिता, बोले- 'अनुमति मिले या न मिले, हर हाल में बैठूंगा अनशन पर'

10 महीने बाद भी खाली हाथ पुलिस और जांच एजेंसियां, डीसी कार्यालय में अनुमति पत्र सौंपा

मनीषा के बहुचर्चित मौत मामले में न्याय न मिलने से आहत मृतका के पिता संजय ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। वह आगामी 29 जून से उपायुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठेंगे। सोमवार को वह अनशन की औपचारिक अनुमति लेने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे थे। हालांकि, डीसी की अनुपस्थिति के कारण उन्होंने उनके निजी सहायक को अपना अनुमति पत्र सौंप दिया है। संजय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रशासन से अनुमति मिले या न मिले, वह हर हाल में 29 जून को अनशन की शुरुआत करेंगे।

यह सुसाइड नहीं, सीधा मर्डर है

भावुक और आक्रोशित पिता संजय ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह कोई शादी का उत्सव नहीं है जिसमें मैंने लोगों को आमंत्रित किया हो। कोई मेरा साथ देने आए या न आए, मैं अपनी बेटी के न्याय के लिए अकेला ही अनशन पर बैठूंगा।" उन्होंने जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना को 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक जांच में क्या निकला, इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूरी दुनिया जानती है कि मनीषा ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

11 अगस्त 2025 को बीते साल मनीषा संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद 13 अगस्त 2025 उसका शव नहर के किनारे से बरामद हुआ था। स्थानीय पुलिस की जांच से असंतुष्ट परिजनों की मांग के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है।लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे पीड़ित पिता का कहना है कि अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है और जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

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