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The Haryana Story | लाल किला ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा खुलासा: फरीदाबाद में चल रही थी 'टेरर लैब', कश्मीर से आ रहे थे आधुनिक हथियार

लाल किला ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा खुलासा: फरीदाबाद में चल रही थी 'टेरर लैब', कश्मीर से आ रहे थे आधुनिक हथियार

इस केस में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई

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लाल किला ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तीन और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है, जिससे इस केस में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि हरियाणा का फरीदाबाद शहर आतंकियों का मुख्य बम निर्माण केंद्र बना हुआ था और हथियारों की खेप कश्मीर से मंगवाई जा रही थी।

अदालत में एक और पूरक चार्जशीट दाखिल

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला क्षेत्र में 10 नवंबर 2025 को हुए भीषण कार बम धमाके की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में एक और पूरक चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने इस नई चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर के रहने वाले तीन नए आरोपियों जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और फरार मुख्य साजिशकर्ता डॉ. मुजफ्फर अहमद को नामजद किया है। इस सनसनीखेज खुलासे से साफ हो गया है कि इस आत्मघाती हमले के तार दिल्ली-एनसीआर से लेकर कश्मीर तक फैले हुए थे।

फरार पीडियाट्रिशियन निकला मास्टरमाइंड

एनआईए की जांच के मुताबिक, एमबीबीएस और एमडी की उच्च शिक्षा प्राप्त बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) डॉ. मुजफ्फर अहमद उर्फ फराज इस पूरी आतंकी साजिश का प्रमुख सूत्रधार है। वह वैश्विक आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (AGuH) इंटरिम मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य है।उसने जून 2022 में श्रीनगर के ईदगाह इलाके में हुई एक सीक्रेट मीटिंग में इस आतंकी मॉड्यूल की नींव रखी थी। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।

फरीदाबाद की यूनिवर्सिटी में चल रही थी 'बम फैक्ट्री'

जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एक बेहद गुप्त ठिकाने को आतंकियों ने अपनी प्रयोगशाला बनाया हुआ था।इस गुप्त ठिकाने पर बेहद संवेदनशील और खतरनाक TATP (ट्राईएसिटोन ट्राईपरऑक्साइड) आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) तैयार किए जा रहे थे।डॉ. मुजफ्फर अहमद खुद इस ठिकाने पर बम बनाने, उनका परीक्षण (टेस्टिंग) करने और उन्हें सुरक्षित छिपाकर रखने की गतिविधियों का संचालन कर रहा था।

कश्मीर से हथियारों की सप्लाई और लश्कर कनेक्शन

इस आतंकी मॉड्यूल को जमीनी और रसद सहायता (लॉजिस्टिक्स) पहुंचाने के लिए कश्मीर के दो ओवरग्राउंड वर्कर्स की भूमिका सामने आई है, जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। तुफैल अहमद भट पूर्व लश्कर कार्यकर्ता, इसने मॉड्यूल के लिए मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभाई। तुफैल ने सीमा पार या बाहरी संचालकों से एक AK-47, एक क्रिंकोव राइफल, एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस हासिल किए और उन्हें 3 लाख रुपए में मुख्य फिदायीन हमलावर डॉ. उमर उन नबी तक पहुंचाया। यह आतंकी मॉड्यूल के लिए कोरियर का काम करता था और लगातार पाकिस्तानी व विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर आतंकियों तक कैश, हथियार और गोला-बारूद पहुंचाता था।

अब तक 13 आरोपी नामजद, सख्त धाराएं लागू

इस मामले में एनआईए द्वारा चार्जशीट किए गए कुल आरोपियों की संख्या अब 13 पहुंच चुकी है। इसमें कार बम धमाके को अंजाम देने वाला मुख्य आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है, जिसकी धमाके के दौरान ही मौत हो गई थी। कार धमाके में 11 बेकसूर लोगों की जान चली गई थी। एनआईए ने गिरफ्तार आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।एजेंसी अब वैज्ञानिक साक्ष्यों, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, और वित्तीय लेन-देन (फाइनेंशियल ट्रेल) के जरिए इस टेरर नेटवर्क के बाकी बचे मददगारों को दबोचने में जुटी है।

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