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The Haryana Story | मनीषा मित्तल मर्डर केस: सगा भाई ही निकला मास्टरमाइंड, बिजनेस पार्टनर के साथ मिलकर रची थी साजिश, करोड़ों के प्रॉपर्टी विवाद में दी थी सुपारी

मनीषा मित्तल मर्डर केस: सगा भाई ही निकला मास्टरमाइंड, बिजनेस पार्टनर के साथ मिलकर रची थी साजिश, करोड़ों के प्रॉपर्टी विवाद में दी थी सुपारी

शिमला पुलिस ने सुलझाई मनीषा हत्याकांड की गुत्थी, भाई गिरफ्तार

शिमला पुलिस ने संजौली के बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड का सनसनीखेज पर्दाफाश करते हुए मृतिका के सगे छोटे भाई हिमांक मित्तल को मर्डर का मुख्य मास्टरमाइंड घोषित कर गिरफ्तार कर लिया है। शिमला के एएसपी मेहर पंवर ने खुलासा किया कि करोड़ों रुपये के स्कूल और प्रॉपर्टी विवाद के चलते इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया था।

मास्टरमाइंड मनीषा का सगा छोटा भाई हिमांक मित्तल

पुलिस ने साजिश में शामिल हिमांक के बिजनेस पार्टनर गोविंद सहित सुपारी लेकर हत्या करने वाले दोनों शूटरों को भी दबोच लिया है। उल्लेखनीय है कि मनीषा की हत्या का मास्टरमाइंड मनीषा का सगा छोटा भाई हिमांक मित्तल ही है, जिसने अपने  बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर आशीष अहलावत और दीपक दोनों रोहतक, झज्जर, हरियाणा के निवासी को मनीषा की हत्या के लिए सुपारी दी। भाई हिमांक ने मर्डर के लिए गोविंद के खाते में ₹8.50 लाख ट्रांसफर किए थे।

13 जून की वो खौफनाक शाम: कैसे हुई वारदात?

राजधानी शिमला के संजौली स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 13 जून की शाम को सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मुख्य गेट के पास यह वारदात हुई थी। स्कूल की वाइस प्रेसिडेंट मनीषा मित्तल अपनी बेटी के साथ स्कूल परिसर में ही रह रही थीं। शाम के समय दो नकाबपोश शूटरों ने उन पर नजदीक से ताबड़तोड़ 3 गोलियां चलाईं, जिससे मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात का एक खौफनाक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें महज 6 सेकंड के भीतर हत्या को अंजाम दिया गया।

हाईटेक जांच और ₹8.5 लाख का ट्रांजैक्शन

शिमला पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाया है। वारदात के महज 39 घंटे के भीतर पुलिस ने हरियाणा से शूटर आशीष और दीपक को दो पिस्तौलों के साथ दबोच लिया था। जांच में पता चला कि भाई हिमांक के पास स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का ऑनलाइन एक्सेस था। उसने घर बैठे अपनी बहन मनीषा की पल-पल की लोकेशन ट्रैक की और उसे गोविंद के जरिए शूटरों को भेजा ताकि वे सही समय पर हमला कर सकें।

हिमांक मित्तल ने वारदात से ठीक पहले अपने दोस्त व पार्टनर गोविंद के बैंक अकाउंट में ₹8.50 लाख ट्रांसफर किए थे। इस राशि में से गोविंद ने शूटरों को ₹50,000 कैश और ₹20,000 ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे, जबकि बाकी रकम गाड़ी किराए पर लेने व अन्य तैयारियों में खर्च हुई। खुद को बचाने के लिए गोविंद मर्डर से कुछ दिन पहले विदेश भाग गया था और 19 जून को वापस लौटा, लेकिन पुलिस के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से बच नहीं सका।

आरोपियों की वर्तमान स्थिति

पुलिस ने गोविंद को 28 जून को रोहतक से गिरफ्तार किया और कोर्ट ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। हिमांक मित्तल को पुलिस ने 29 जून को रोहतक में उसके घर से हिरासत में लिया। वह वर्तमान में अस्वस्थ होने के कारण शारीरिक रूप से कोर्ट में पेश नहीं हो सका, इसलिए उसकी अदालती कार्यवाही और रिमांड की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरी की जा रही है।

मर्डर से पहले मनीषा मित्तल का आखिरी वीडियो

मनीषा मित्तल ने अपनी हत्या से कुछ हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने सीधे तौर पर अपने भाई हिमांक मित्तल पर माता-पिता के जाली हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये के गबन करने और स्कूल पर अवैध कब्जा जमाने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 14 दिसंबर 2025 को स्कूल सोसाइटी के चुनाव को अवैध घोषित किया था, जिसके बाद जनवरी 2026 में मनीषा ने पुलिस सुरक्षा में स्कूल में एंट्री ली थी। इसी बढ़ती तल्खी और कानूनी हार से बौखलाकर भाई ने बहन के खात्मे की खूनी साजिश रच डाली। फिलहाल, प्रशासन ने स्कूल के सुचारू संचालन के लिए Saraswati Paradise International School का प्रबंधन सरकारी नियंत्रण में ले लिया है।

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