हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में कार बैक करवाने में मदद करते समय फतेहाबाद के युवक भूपेंद्र भाटी की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और दो बहनों का अकेला भाई था। इस दुखद हादसे के बाद पूरे फतेहाबाद और पीड़ित परिवार में मातम का माहौल है।
दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश के मनाली घूमने गया था भूपेंद्र
जानकारी मुताबिक फतेहाबाद की अग्रवाल कॉलोनी निवासी भूपेंद्र भाटी (18 वर्ष) ने हाल ही में अपनी 12वीं कक्षा पास की थी। वह 25 जून को अपने चार दोस्तों (आरियन, अरमान, नीरज और शिवम) के साथ हिमाचल प्रदेश के मनाली घूमने गया था। मनाली में स्थानीय पर्यटक स्थलों को देखने के बाद सभी दोस्त लाहौल-स्पीति चले गए थे। उन्हें सोमवार को वापस फतेहाबाद लौटना था, लेकिन उससे पहले ही रविवार रात यह भीषण हादसा हो गया।
कैसे हुआ हादसा? चाय पीने रुके थे दोस्त, मदद करना पड़ा भारी
लाहौल-स्पीति से वापसी के दौरान रविवार रात को सभी दोस्त रास्ते में एक जगह चाय पीने के लिए रुके थे। उसी समय वहां मौजूद एक अन्य कार चालक ने पहाड़ी रास्ते पर अपनी गाड़ी बैक करने के लिए भूपेंद्र से मदद (इशारा करने) मांगी। गाड़ी बैक करवाते समय अचानक कार चालक से एक्सीलेटर (रेस) का पैडल जोर से दब गया। अनियंत्रित हुई कार की सीधी टक्कर भूपेंद्र को लगी, जिससे वह संतुलन खो बैठा और सीधे गहरी खाई में जा गिरा।
सर्च ऑपरेशन के बाद मिला शव
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय रेस्क्यू टीम और पुलिस को सूचित किया गया। पहाड़ी और दुर्गम रास्ता होने के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। जब रेस्क्यू टीम नीचे पहुंची, तब तक अत्यधिक चोटें आने के कारण भूपेंद्र की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
पीएनबी मैनेजर का था इकलौता बेटा
मृतक भूपेंद्र के पिता सुल्तान सिंह भाटी सिरसा रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। सुल्तान सिंह के तीन बच्चों में भूपेंद्र सबसे छोटा और दो बहनों के बीच अकेला भाई था। घर के लाडले और इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।सूचना मिलने के बाद परिजन लाहौल-स्पीति पहुंचे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को लेकर फतेहाबाद के लिए रवाना हुए, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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