हरियाणा के पानीपत में फूड एंड सप्लाई विभाग से चतुर्थ श्रेणी (चपरासी) के पद से रिटायर हुए महाबीर बांगड़ को उनके परिवार और दोस्तों ने 100 फीट ऊंचे फूलों से सजे हाइड्रा क्रेन, थार और स्कॉर्पियो की गाड़ियों के काफिले के साथ 'शाही विदाई' दी है। 30 जून 2026 को अपनी 23 साल की सरकारी सेवा पूरी करने के बाद, महाबीर बांगड़ ने अपनी सेवानिवृत्ति को यादगार बनाने के लिए कार या सरकारी गाड़ी की जगह एक अनोखा तरीका चुना।
क्रेन पर चढ़कर 50 मिनट का 'शाही' सफर
महाबीर बांगड़ (58) का बरसों पुराना सपना था कि उनकी रिटायरमेंट साधारण न होकर बेहद खास हो। उन्होंने खुद यह आइडिया चुना और परिवार ने विदाई से 10 दिन पहले ही एक हाइड्रा क्रेन बुक कर ली। क्रेन को फूलों की मालाओं और रंग-बिरंगी चुन्नियों से पूरी तरह सजाया गया था। इस विदाई यात्रा में क्रेन के आगे-पीछे थार, काली स्कॉर्पियो और कई गाड़ियों का लंबा काफिला चल रहा था। मतलौडा तहसील से उनके पैतृक गांव 'कवि' की दूरी महज 5 किलोमीटर है। आम तौर पर इस रास्ते में 10 मिनट लगते हैं, लेकिन इस धीमी और शाही विदाई के कारण सफर 50 मिनट में पूरा हुआ।
नोटों की माला और डीजे पर डांस
रास्ते भर डीजे की धुन बजती रही और महाबीर क्रेन के ऊपर खड़े होकर ही झूमते नजर आए। गांव के लोगों और पड़ोसियों ने उन्हें नोटों की बड़ी-बड़ी मालाएं पहनाईं। जब वह अपने गांव पहुंचे, तो सड़क पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। उनकी पत्नी शीला देवी और ग्रामीणों ने आरती उतारकर और तिलक लगाकर उनका भव्य स्वागत किया। भले ही महाबीर विभाग में एक सेवादार के पद पर कार्यरत थे, लेकिन उनका पारिवारिक बैकग्राउंड और सोच किसी उच्च अधिकारी से कम नहीं है। उनका एक बेटा 'चानू' अमेरिका में रहता है, जबकि दूसरा बेटा अमित और पूरा परिवार इस जश्न की प्लानिंग में जून की शुरुआत से ही जुटा हुआ था। सचिवालय और तहसील स्तर के अधिकारियों व साथियों ने भी उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
फूलों से सजे हाइड्रा पर बैठे कर्मचारी, पीछे चला लग्ज़री गाड़ियों का काफिला
हरियाणा के पानीपत में सेवादार (चपरासी) की सेवानिवृत्ति पर परिवार और ग्रामीणों ने एक बेहद अनोखी और 'शाही' विदाई फूलों से सजे हाइड्रा क्रेन पर बैठे, थार-स्कॉर्पियो का काफिला चला ... दी। आमतौर पर लोग विदाई के समय कार या बाइक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन महाबीर के लिए उनके परिजनों ने हाइड्रा क्रेन को ही भव्य रथ की तरह सजाया था।इस अनूठी सवारी के आगे और पीछे थार और स्कॉर्पियो जैसी दर्जनों लग्ज़री गाड़ियों का काफिला चल रहा था।
गांव में चर्चा का विषय
महाबीर ने अपनी पूरी ईमानदारी और लगन के साथ नौकरी पूरी की थी। उनकी इस शानदार और अनोखी विदाई का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और पूरा क्षेत्र इस जश्न की चर्चा कर रहा है।
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