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The Haryana Story | 3.50 करोड़ का हाई-प्रोफाइल घोटाला: ओलिंपियन नीरज चोपड़ा संग दिखाई फोटो, ठगी के आरोप में नगर निगम JE रोहित गिरफ्तार

3.50 करोड़ का हाई-प्रोफाइल घोटाला: ओलिंपियन नीरज चोपड़ा संग दिखाई फोटो, ठगी के आरोप में नगर निगम JE रोहित गिरफ्तार

हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के नाम पर 3.50 करोड़ की महाठगी, पंचकूला नगर निगम का JE गिरफ्तार, 8 दिन की रिमांड

पंचकूला पुलिस ने हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से जुड़े ₹3.50 करोड़ के हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (JE) रोहित सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी जेई को 8 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड उसका भाई मोहित सैनी है, जो कृषि विभाग में बेलदार है। ठगी की इस बड़ी रकम को आरोपी ने अपनी सब-इंस्पेक्टर (SI) भाभी और परिवार के अन्य सदस्यों के खातों में ट्रांसफर करवाया था।

नीरज चोपड़ा संग फोटो दिखाकर जीता भरोसा

मुख्य आरोपी मोहित सैनी ने खुद को बड़ा अधिकारी और रसूखदार दिखाने के लिए पीड़ित को ओलंपियन नीरज चोपड़ा के साथ अपनी तस्वीरें दिखाई थीं। दिल्ली की मशहूर 'शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह को हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन (HOA) से उनका लंबित भुगतान दिलाने और विजिलेंस जांच से बचाने का झांसा दिया गया। आरोपी मोहित सैनी पीड़ित कारोबारी से खुद को 'जसवंत' नाम का फाइनेंस ऑफिसर बताकर बात करता था।

ऐसे खुली ठगी और खातों की पोल

पीड़ित शिव प्रकाश सिंह ने करीब एक महीने पहले पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में ₹3.50 करोड़ की धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो पता चला कि खुद को फाइनेंस अफसर बताने वाला जसवंत असल में कृषि विभाग का बेलदार मोहित सैनी है। बैंक रिकॉर्ड्स की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम मोहित ने अपनी हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) पत्नी (भाभी), अपने भाई रोहित सैनी (JE) और दोस्तों के खातों में ट्रांसफर की थी। इसी आधार पर क्राइम ब्रांच-19 ने जेई रोहित सैनी को दबोच लिया।

अब तक पुलिस कार्रवाई की स्थिति

नगर निगम के जेई रोहित को कोर्ट में पेश कर 8 दिन के रिमांड पर लिया गया है ताकि पैसों की रिकवरी और बाकी कड़ियों को जोड़ा जा सके। मुख्य आरोपी और नेशनल खिलाड़ी मोहित सैनी केस दर्ज होते ही फरार हो गया है, जिसकी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।पहले भी हुई गिरफ्तारी: इस मामले में पुलिस दिल्ली से एक अन्य आरोपी दीपांशु को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिसने फर्जी बैंक खाता खुलवाने में मदद की थी।

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