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The Haryana Story | कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देख भावुक हुए कुलदीप बिश्नोई, बोले 'राजनीति में स्थायी दोस्त नहीं होते' वाली धारणा को मेरे कार्यकर्ताओं ने बदला

कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देख भावुक हुए कुलदीप बिश्नोई, बोले 'राजनीति में स्थायी दोस्त नहीं होते' वाली धारणा को मेरे कार्यकर्ताओं ने बदला

कुलदीप बिश्नोई बोले- 'सच्चे रिश्ते सत्ता से नहीं, विश्वास और अपनत्व से बनते हैं, तीन दशक सत्ता से दूर रहकर भी साथ खड़े हैं कार्यकर्ता'

स्काई लार्क कॉम्प्लेक्स पानीपत में रविवार को आयोजित पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई के स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और समर्थकों का ऐसी भीड़ उमड़ी कि पूरा आयोजन एक विशाल जनसभा का रूप ले बैठा। कार्यक्रम में अपेक्षा से कहीं अधिक संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वर्षों के राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद कुलदीप बिश्नोई के प्रति उनका विश्वास, स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव आज भी पहले की तरह अटूट है। इस अवसर पर कुलदीप बिश्नोई ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अक्सर कहा जाता है कि राजनीति में स्थायी दोस्त नहीं होते, लेकिन यदि कोई उनके कार्यकर्ताओं से मिले तो यह धारणा स्वतः बदल जाएगी।

यही विश्वास हर कठिन दौर में उनकी सबसे बड़ी ताकत बना

उन्होंने कहा कि पूरे देश में शायद ही कोई ऐसा नेता होगा जिसके साथ सत्ता से तीन दशक दूर रहने के बाद भी उसके कार्यकर्ता उसी जोश, निष्ठा, आत्मीयता और विश्वास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हों। उन्होंने कहा कि पानीपत का यह ऐतिहासिक स्नेह मिलन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, समर्पण, विश्वास और आत्मीय रिश्तों का भव्य उत्सव है। कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि सच्चे रिश्ते सत्ता या पद से नहीं, बल्कि विश्वास और अपनत्व से बनते हैं। यही विश्वास हर कठिन दौर में उनकी सबसे बड़ी ताकत बना है। अपने संबोधन के दौरान कुलदीप बिश्नोई स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं युगपुरुष चौधरी भजनलाल को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि चौधरी भजनलाल को हमारे बीच से गए वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद, उनके प्रति जनता का प्रेम और सम्मान आज भी उतना ही जीवंत है।

ऐसे रिश्ते समय के साथ कमजोर नहीं होते

हरियाणा, राजस्थान, पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी लोग चौधरी भजनलाल का नाम अत्यंत सम्मान और आत्मीयता के साथ लेते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी पद या सत्ता की देन नहीं था, बल्कि जीवनभर की जनसेवा, सादगी, अपनत्व और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का परिणाम था। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि ऐसे रिश्ते समय के साथ कमजोर नहीं होते, बल्कि और अधिक मजबूत होते जाते हैं। आज पानीपत में मिली अपार सफलता में उन्हें चौधरी भजनलाल का आशीर्वाद स्पष्ट रूप से महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रेम और विश्वास को दुनिया की कोई ताकत कभी समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत, सबसे बड़ी पूंजी और सबसे बड़ी पहचान हैं। कार्यकर्ताओं का प्रेम, समर्पण और विश्वास उनके लिए जीवनभर का ऋण है।

कार्यकर्ता के विश्वास, त्याग और समर्पण का ऋण उतारने का हरसंभव प्रयास करेंगे

उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि समय आने पर वे प्रत्येक कार्यकर्ता के विश्वास, त्याग और समर्पण का ऋण उतारने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका और कार्यकर्ताओं का रिश्ता किसी राजनीतिक दल, पद या सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, आत्मीयता और परिवार का रिश्ता है। आप मेरे कार्यकर्ता नहीं, मेरे परिवार हैं और परिवार कभी परिस्थितियों के अनुसार नहीं बदलता। यही परिवार मेरी सबसे बड़ी शक्ति, मेरी सबसे बड़ी पूंजी और मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।

यही स्नेह और एकजुटता भविष्य में भी संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी

कार्यक्रम के अंत में कुलदीप बिश्नोई ने पानीपत के सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आयोजन से जुड़े प्रत्येक साथी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने केवल एक कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि प्रेम, विश्वास और परिवार का रिश्ता किसी भी राजनीतिक परिस्थिति से कहीं अधिक मजबूत होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं का यही स्नेह और एकजुटता भविष्य में भी संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी। इस मौके पर विधायक रणधीर पणिहार, पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, दीपक छाबड़ा, वीरेश शांडिल्य, प्रधान सुरेंद्र शर्मा, डा.सोहन लाल, पंडित दिनेश शर्मा, विष्णु गोस्वामी, मुकेश जागलान, संदीप मैहरा, मंजू गुप्ता, अमर नाथ गुप्ता, अरूण जैलदार,राकेश सरोहा आदि मौजूद रहे।

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