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The Haryana Story | टोहाना में बिजली निगम कार्यालय बना अखाड़ा: एक्सईएन पर हमला, 'गलत काम' के लिए मेज पर फेंकी नोटों की गड्डियां

टोहाना में बिजली निगम कार्यालय बना अखाड़ा: एक्सईएन पर हमला, 'गलत काम' के लिए मेज पर फेंकी नोटों की गड्डियां

एक्सईएन ने कहा- सरकारी नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी खाल की जमीन पर कोई गलत काम नहीं किया जाएगा, तो भड़क गए आरोपी

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हरियाणा के टोहाना में बिजली निगम के एक्सईएन कार्यालय में उस समय 'हाई वोल्टेज ड्रामा' हो गया, जब सरकारी काम पर दबाव बनाने पहुंचे ग्रामीणों ने अधिकारी पर जानलेवा हमला कर दिया। गांव गाजूवाला के कुछ लोगों पर कार्यकारी अभियंता कृष्ण चीकारा के साथ मारपीट करने, गला दबाने और मेज पर नोटों की गड्डियां फेंककर जबरन गलत काम करवाने का संगीन आरोप लगा है। घटना के बाद घायल अधिकारी को तुरंत नागरिक अस्पताल ले जाया गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

विवाद की वजह

सरकारी खाल (नाली) की जमीन पर ट्यूबवेल कनेक्शन का रिन्यूवल और पैमाइश का मामला बताया जा रहा है। इस घटना का एक वीडियो भी  सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी अधिकारी का गला पकड़ते और रिश्वत के झूठे आरोप लगाते दिख रहे हैं।

क्या है पूरा मामला और एक्सईएन का आरोप

सोमवार दोपहर करीब 3 बजे गांव गाजूवाला के कुछ लोग देवेंद्र सिंह के नाम पर ट्यूबवेल कनेक्शन के सिलसिले में कार्यकारी अभियंता कृष्ण चीकारा के दफ्तर पहुंचे थे। मामला ट्यूबवेल के रिन्यूवल और उसकी पैमाइश से जुड़ा था, जिसके लिए तहसीलदार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी थी और विभाग निरीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रहा था। आरोपियों ने अधिकारी पर तुरंत कनेक्शन जारी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब एक्सईएन कृष्ण चीकारा ने स्पष्ट कहा कि सरकारी नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी खाल की जमीन पर कोई गलत काम नहीं किया जाएगा, तो आरोपी भड़क गए।

नोट फेंके और गला दबाया

विरोध करने पर 4-5 लोगों ने अधिकारी के साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने अधिकारी का गला दबाने का प्रयास किया और दबाव बनाने के लिए उनकी मेज पर नोटों की दो गड्डियां फेंक दीं। हमले में घायल हुए एक्सईएन कृष्ण चीकारा को तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वे वापस अपने कार्यालय लौटे। पीड़ित अधिकारी ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, मारपीट करने और रिश्वत देकर दबाव बनाने के मामले में पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि उनका एग्रीकल्चर ट्यूबवेल कनेक्शन साल 2018 से अटका हुआ है। शुरुआत में बिजली निगम ने 3 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 4.25 रुपए लाख कर दिया गया। उपभोक्ताओं ने यह राशि भी जमा करवा दी, फिर भी कनेक्शन नहीं दिया गया। कनेक्शन न मिलने के कारण उन्हें अब तक करीब 20 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है। उपभोक्ता देवेंद्र का आरोप है कि एक्सईएन अपने कथित दलाल के माध्यम से ही फाइलें स्वीकार करते हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत बिजली मंत्री अनिल विज और निगम के एमडी को ई-मेल के जरिए भेजकर अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की है।

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