भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार, 11 जुलाई से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने वाली है, जिसके बाद अगले एक सप्ताह यानी 19 जुलाई तक अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और उमस भरा बना रहेगा। इस दौरान केवल छिटपुट स्थानों पर ही हल्की बूंदाबांदी या सीमित बारिश की संभावना है।
अब पूरी तरह बदलने वाला है मौसम का मिजाज
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 11 जुलाई से मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को भारी बारिश से तो राहत मिलेगी, लेकिन उमस और चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
केवल छिटपुट बारिश के आसार, ज्यादातर इलाके रहेंगे सूखे
पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 जुलाई से लेकर 19 जुलाई के दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना बेहद मामूली है। इस अवधि के दौरान कुछ सीमित इलाकों में हल्की फुल्की बारिश या गरज-चमक से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसका दायरा बहुत छोटा होगा। जिन ग्रामीण या कृषि प्रधान इलाकों में इस सीजन में अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई है और सूखा जैसी स्थिति है, वहां बारिश न होने के कारण सूखे का संकट और ज्यादा गहरा सकता है।
गर्म रातें और उमस भरी गर्मी का टॉर्चर
मानसून के कमजोर पड़ते ही हवा में नमी की मात्रा (ह्यूमिडिटी) काफी अधिक रहेगी। बीच-बीच में सूखी और गर्म पछुवा हवाएं चल सकती हैं, जो वातावरण में मौजूद नमी के साथ मिलकर उमस को चरम पर पहुंचा देंगी। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ-साथ रातें भी काफी गर्म और बेचैन करने वाली होंगी, जिससे कूलर और एसी भी बेअसर साबित हो सकते हैं।
कब दोबारा सक्रिय होगा मानसून?
मौसम विभाग के शुरुआती संकेतों के अनुसार, इस शुष्क दौर के बीतने के बाद 18 से 19 जुलाई के आसपास मानसून की ट्रफ लाइन दोबारा उत्तर भारत की ओर रुख कर सकती है, जिसके बाद ही क्षेत्र में एक बार फिर से अच्छी और व्यापक मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। सिंचाई और खेती से जुड़े कार्यों की योजना इस शुष्क और गर्म सप्ताह को ध्यान में रखकर ही बनाएं।
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